पटना [जेएनएन]। बिहार उप चुनाव को लेकर राजद और कांग्रेस में मतभेद सुलझ गया है। इसके बाद बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी तथा नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी ने संयुक्‍त प्रेस वार्ता की। लेकिन इस दौरान कौकब कादरी ने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आ गई। पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष ने ही कार्यकारी अध्‍यक्ष के बयान पर एतराज जताया।

दरअसल, गुरूवार को कौकब कादरी ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर कोई परेशानी नहीं थी। तेजस्वी अपनी न्याय यात्रा से लौटकर पटना आए और सीट का बंटवारा हो गया। आनेवाले समय में तेजस्वी के नेतृत्व में हमलोग और सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

कौकब कादरी के तेजस्‍वी के नेतृत्‍व स्‍वीकार करना पूर्व अध्‍यक्ष अशोक चौधरी को रास नहीं आया। उन्‍होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अशोक चौधरी ने कहा कि तेजस्‍वी यादव का नेतृत्‍व कांग्रेस पार्टी स्‍वीकार करेगी या नहीं, इसका फैसला आलाकमान करेंगे। बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष और पूर्व अध्‍यक्ष की विरोधाभाषी टिप्‍पनी ने एक बार फिर पार्टी में चल रहे अंदरूनी कलह को सामने ला दिया है।

कुछ दिन पहले भी अशोक चौधरी ने कहा कि था कि प्रदेश में आखिर कब तक कार्यकारी अध्‍यक्ष बने रहेंगे। या तो शीर्ष नेतृत्‍व को उन्‍हें ही अध्‍यक्ष बना देना चाहिए या फिर किसी और को। अशोक चौधरी जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे यह साफ प्रतीत हो रहा है कि पार्टी में सबकुछ सही नहीं है।

बता दें कि ह्यूमेन चेन के दौरान एक ओर जहां कांग्रेस ने ह्यूमेन चेन का विरोध किया था तो दूसरी ओर पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक चौधरी ने ह्यूमेन चेन को अपना नैतिक समर्थन दिया था। उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों से भी अपील की थी कि लोगों को मतभेद भुला कर कुप्रथा के खिलाफ बनने वाली ह्यूमेन चेन को अपना समर्थन देना चाहिए।

Posted By: Ravi Ranjan

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