राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में होने वाले नगर निकाय चुनाव पर ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट के आदेश से मामला फंस गया है। तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संदर्भ सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। साथ ही आयोग ने निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों को भी सूचित कर दें।

आयोग ने भी हाईकोर्ट पर ही निर्णय छोड़ दिया

दरअसल, हाईकोर्ट ने 29 सितंबर को मामले में सुनवाई पूरी कर आयोग को सुझाव के साथ चुनाव प्रक्रिया पर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसी आधार पर आयोग की ओर सभी जिलों को पत्र लिखा गया है। इससे साफ है कि अब आरक्षण को लेकर आयोग ने भी हाईकोर्ट पर ही निर्णय छोड़ दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग के ओएसडी द्वारा सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखे गए पत्र से यही स्पष्ट हो रहा है। पिछड़ों को आरक्षण दिए जाने के आधार से संबंधित याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और एस कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

 264 नगर निकायों में से 224 में घोषित हुआ है चुनाव का कार्यक्रम

गौरतलब है कि पहले चरण में 156 नगर निकाय में 10 अक्टूबर और दूसरे चरण में 68 निकायों में 20 अक्टूबर को मतदान होना है। जबकि 27 नगर निकायों में छठ के बाद वोटिंग होनी है। लेकिन अभी आयोग की तरफ से चुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। वहीं  13 निकायों में इस वर्ष चुनाव नहीं होगा। बाकि के लिए  छठ बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते दिनों  राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्‍य में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाने की घोषणा की थी। आयोग के मुताबिक 10 अक्‍टूबर को राज्‍य में पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान की बात कही गई थी। वहीं 12 अक्‍टूबर को पहले चरण की मतगणना की जानकारी दी गई थी। आयोग ने बताया था कि चुनाव के नतीजे 12 अक्टूबर को हो आ जाएंगे। दूसरे चरण के तहत 20 अक्‍टूबर को मतदान और 22 अक्‍टूबर को काउंटिंग होनी है।

Edited By: Rahul Kumar

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