पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को दो बेहद खास योजना लांच कीं। इन योजनाओं के तहत 10 लाख रुपए का लोन सरकार बिजनेस के लिए 50 फीसद अनुदान पर मिलेगा। महिलाओं को इस लोन के लिए कोई ब्‍याज भी नहीं देना होगा, जबकि पुरुषों को केवल एक फीसद ब्‍याज देना होगा। योजना की लांचिंग के मौके पर मुख्‍यमंत्री ने कहा कि राज्य में विकास एवं लोगों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को ले हम लोग लगातार काम कर रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी सभी जगहों पर बढ़ी है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। परिवार की आमदनी बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उद्योग विभाग को मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना आरंभ किए जाने को ले बधाई देते हैं। वर्ष 2018 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना की शुरुआत की गई। वहीं जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर सन् 2020 में अति पिछड़ा वर्ग के युवक एवं युवतियों में उद्यमिता के विकास एवं उनके द्वारा उद्योग स्थापित किए जाने को ले मुख्यमंत्री अति पिछड़ा उद्यमी योजना की शुरुआत की गई। वर्ष 2020 में नई सरकार के गठन के बाद नई योजना की रूप-रेखा तैयार की गई। इसके लिए बजट का प्रविधान भी किया गया।

ये भी पढ़ें, बिहार में बिजनेस के लिए बिना ब्‍याज पाएं 10 लाख तक लोन, चुकाना होगा केवल पांच लाख, यहां से करें आवेदन

महिला सशक्तीकरण को ले सरकार के प्रयासों की चर्चा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सन् 2006 से पंचायती राज संस्थाओं तथा 2007 से नगर निकायों के निर्वाचन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा। प्राथमिक शिक्षक नियोजन में 50 प्रतिशत का आरक्षण महिलाओं को मिला। पुलिस में 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान महिलाओं के लिए किया गया। राज्य की सभी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन कर एक करोड़ से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा गया है। राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों, मेडिकल कालेजों के साथ भविष्य में स्थापित होने वाले खेल विश्वविद्यालय में लड़कियों के लिए कम से कम एक तिहाई आरक्षण का प्रविधान किया गया है। उच्चतर शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इंटर पास करने पर अविवाहित लड़कियों को 25 हजार तथा स्नातक उत्तीर्ण करने पर अविवाहित व विवाहित लड़कियों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।