मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

पटना [ राज्य ब्यूरो]। बिहार सरकार ने राज्य के फ्लैट खरीदारों के साथ ही बिल्डरों को बडी राहत दी है। शर्त यह होगी कि 30 अगस्त 2018 के पहले पूर्ण हो चुके अपार्टमेंट के एक फ्लैट के निबंधन का प्रमाण देना होगा। ऐसे अपार्टमेंट को रेरा में निबंधन नहीं करना होगा। सरकार का मानना है कि इस आदेश के लागू होने के बाद फ्लैटों का सहजता से निबंधन हो सकेगा और फ्लैट खरीददारों को समस्या से मुक्ति मिलेगी। वर्तमान में हजारों की संख्या में फ्लैट की बिक्री इस वजह से फंसी हुई है। इन फ्लैटों का निबंधन होने से राज्य सरकार को बड़ा राजस्व लाभ भी होगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने दारोगा बहाली के नियमों में बदलाव करने के प्रस्‍ताव पर मुहर लगा दी। 
मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 27 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि बिहार रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2008 में कुछ संशोधनों को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। संशोधन होने से सबसे ज्यादा फायदा 2018 के पूर्व पूर्ण हो चुके अपार्टमेंट और बहुमंजिली इमारत के बिल्डरों और खरीददारों को होगा। 
ई-रिक्शा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना में शामिल
प्रधान सचिव ने बताया कि मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना में ई-रिक्शा को भी शामिल करने की मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रत्येक पंचायत के पांच लोगों (तीन अनुसूचित जाति/जनजाति व दो पिछड़ा वर्ग) को वाहन खरीदने के लिए वाहन की 50 फीसद या अधिकतम एक लाख रुपये अनुदान देने का प्रावधान है। अब योजना में ई-रिक्शा को भी शामिल कर लिया गया है। ई-रिक्शा के लिए पचास फीसद या अधिकतम 70 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। 
मनपसंद नंबर के लिए जेबें करनी होंगी ढीली 
परिवहन विभाग के ही एक अन्य प्रस्ताव पर विमर्श के बाद मंत्रिमंडल ने वाहनों के पसंदीदा नंबरों की ई-नीलामी के लिए बिहार मोटर वाहन नियमावली में कुछ नए नियम जोड़े हैं। नए नियम के प्रभावी होने के बाद व्यावसायिक वाहनों के मनपसंद नंबर लेने पर 15 हजार से 35 हजार रुपये तक अधिक देना होगा। जबकि निजी वाहनों के लिए यह दर 25 हजार से एक लाख रुपये की होगी। वाहन नंबर की बोली उक्त राशि से शुरू होगी। नंबर के लिए अधिकतम रकम खर्च करने वाला व्यक्ति या संस्थान संबंधित नंबर का मालिक होगा । ऐसे कुल 641 नंबरों को पसंदीदा नंबर में शामिल किया गया है। इनमें सबसे महंगे नंबर 0001, 0003, 0005, 0007 और 0009 हैं। पूर्व मनपसंद के नंबरों के लिए पांच से 25 हजार रुपये तक अधिक निबंधन शुल्क देने होते थे। 
दरोगा बहाली के नियमों में बदलाव
प्रदेश में दरोगा बहाली के नियमों में सरकार ने बदलाव कर दिए हैं। दरोगा बहाली की मुख्य परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक निर्धारित कर दिए गए हैं। साथ ही एक मील की दौड़ की समय में भी बदलाव किए गए हैं। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि नए नियमों के मुताबिक अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उम्मीदवारों और महिलाओं के लिए न्यूनतम अर्हता अंक 32 होंगे। अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 और पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 तथा सामान्य वर्ग के लिए 40 अंकों की अर्हता होगी। एक मील की दौड़ के लिए पहले छह मिनट का समय निर्धारित था जिसे बढ़ाकर 6.30 कर दिया गया है। इस समय से अधिक समय लगाने वाले अभ्यर्थी असफल घोषित किए जा सकेंगे। इसी प्रकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति की महिलाओं के लिए ऊंचाई की सीमा 155 सेंटीमीटर होना आवश्यक होगा। 

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Rajesh Thakur

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप