4 घंटे में पटना से दिल्ली! बिहार में बुलेट ट्रेन का काउंटडाउन, IIT पटना में टॉप इंजीनियरों की स्पेशल ट्रेनिंग
बिहार में बुलेट ट्रेन परियोजना मार्च से शुरू होने की उम्मीद है। दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिससे पटना से दिल्ली ...और पढ़ें

बुलेट ट्रेन को लेकर आईआईटी पटना में ट्रेनिंग। सांकेतिक तस्वीर

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डिजिटल डेस्क, पटना। Bullet Train in Bihar: बिहार में बुलेट ट्रेन का सपना जल्द ही हकीकत का रूप ले सकता है।
केंद्रीय बजट में घोषणा के बाद अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर मार्च से काम शुरू होने के आसार हैं। 320 से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन बिहार के प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगी, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
पटना से दिल्ली वाया वाराणसी जाना होगा
बजट के अनुसार दो बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, एक दिल्ली से वाराणसी और दूसरा वाराणसी से सिलीगुड़ी। बिहार के यात्रियों को पटना से दिल्ली जाने के लिए वाराणसी के रास्ते बुलेट ट्रेन से सफर करना होगा।
इस व्यवस्था के तहत पटना से दिल्ली की दूरी महज चार घंटे में पूरी की जा सकेगी। योजना के मुताबिक वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन पटना के रास्ते चलेगी और यह सफर 2 घंटे 55 मिनट में पूरा करेगी।
वहीं पटना से सिलीगुड़ी तक की यात्रा सिर्फ 2 घंटे 5 मिनट में संभव होगी। इस कॉरिडोर पर बिहार में दो स्टेशन-पटना और कटिहार प्रस्तावित किए गए हैं।
300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन यात्रियों को 12 या 20 घंटे नहीं, बल्कि सिर्फ चार घंटे में दिल्ली पहुंचा देगी, हालांकि इसके लिए पटना से वाराणसी जाकर दूसरी बुलेट ट्रेन पकड़नी होगी।
परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए फरवरी के अंत तक एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति पूरे रूट का एरियल सर्वे करेगी, जिसमें ऊंचाई, नदियां, जंगल और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

(आईआईटी पटना में ट्रेनिंग सत्र में पदाधिकारी व इंजीनियर। सौ-सोशल मीडिया।)
IIT पटना में बुलेट ट्रेन की विशेष ट्रेनिंग
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर भारतीय रेल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। देशभर से चुने गए रेलवे के 25 सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरों को IIT पटना में दो सप्ताह की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस प्रशिक्षण में हाई-स्पीड रेल सिस्टम, ट्रैक डिजाइन और अत्याधुनिक सेफ्टी तकनीक पर खास जोर दिया जा रहा है।
चूंकि मौजूदा रेल पटरियां हाई-स्पीड ट्रेनों के अनुकूल नहीं हैं, इसलिए नई तकनीक, मजबूत ट्रैक, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम, मेंटेनेंस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स पर गहन जानकारी दी जा रही है।
रेलवे के महानिदेशक अनिमेष कुमार सिन्हा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नई तकनीक और ‘कवच’ सिस्टम के आने के बाद ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जाएगी।
वहीं, IIT पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने कहा कि यात्रियों को गति के साथ-साथ पूरी सुरक्षा देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह का कंप्रोमाइज संभव नहीं है।
