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बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए क्रांति: पटना में बनेंगे 10 फास्ट चार्जिंग स्टेशन, आम लोग भी कर सकेंगे इस्तेमाल

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:59 PM (IST)

राज्य सरकार बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तेजी से चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रही है। पटना के 10 सरकारी ...और पढ़ें

दोपह‍िया ईवी से लेकर बस तक के ल‍िए बनेंगे चार्जिंग प्‍वाइंट। सांकेत‍िक तस्‍वीर

दोपह‍िया ईवी से लेकर बस तक के ल‍िए बनेंगे चार्जिंग प्‍वाइंट। सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. ई-बसों के लिए डेढ़ घंटे में फुल चार्जिंग सुविधा।

  2. पटना में ई-कारों के लिए 45 मिनट में चार्जिंग।

  3. चार्जिंग स्टेशन लगाने पर सरकार दे रही अनुदान।

राज्य ब्यूरो, पटना। इलेक्ट्रिक गाड़‍ियों के लिए राज्य सरकार ई-बसों से लेकर निजी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहनों के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन बना रही है।

प्रत्येक डिपो में 50 बसों की क्षमता के लिए आठ-आठ चार्जिंग प्वाइंट लगाए जा रहे हैं, जिससे एक ई-बस मात्र डेढ़ घंटे में चार्ज हो सकेगी।

50 बसों की क्षमता के आठ-आठ चार्जिंग प्वाइंट बन रहे सभी डिपो में

पटना के दस प्रमुख सरकारी संस्थानों में भी फास्ट डीसी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें महज 45 मिनट से एक घंटे में ई-कार फुल चार्ज हो जाएगी।

परिवहन विभाग के अनुसार, पूर्णिया जिले में चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा हो चुका है। वहीं पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और गया जी जिले में निर्माण कार्य चल रहा है। पटना के पास फुलवारीशरीफ, राजगीर और मुजफ्फरपुर के बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन पहले से कार्यरत हैं।

दो पहिया और तिपहिया वाहन भी होंगे चार्ज 

निजी वाहनों के लिए पटना के मुख्य सचिवालय, बिहार विधानसभा, समाहरणालय, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन, सिंचाई भवन, मल्टी माॅडल हब कंकड़बाग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं।

यहां कार के साथ दोपहिया और तीन पहिया गाडि़यों की भी चार्जिंग की व्यवस्था होगी। सरकारी परिसर में लगने के बावजूद इन स्टेशनों का इस्तेमाल आम नागरिकों के लिए उपलब्ध होगा।

चार्जिंग स्टेशन लगाने पर अनुदान

बिहार ईवी नीति 2026 के तहत पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाने पर मशीनरी और उपकरण की लागत का 25 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।

ये स्टेशन सरकारी भवन, कामर्शियल काम्प्लेक्स, होटल, अस्पताल, शापिंग माॅल, मल्टीप्लेक्स, आवासीय अपार्टमेंट एवं हाउसिंग सोसाइटी (जहां 5 से अधिक परिवार रहते हैं), पेट्रोल पंप, हाईवे पर ढाबा-रेस्टोरेंट, बस स्टैंड और पार्किंग स्थलों पर स्थापित किए जा सकते हैं।