पटना, जेएनएन। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानि बिहार बोर्ड ने मंगलवार को 10वीं (मैट्रिक) का रिजल्‍ट जारी कर दिया। कुल 80.59 फीसद परीक्षार्थी उत्‍तीर्ण हुए हैं। रोहतास के जनता हाई स्‍कूल के हिमांशु राज ने 481 अंकों के साथ टॉप किया है। बीते तीन साल से रिजल्‍ट जारी करने में काफी सतर्कता बरती जा रही है, लेकिन बिहार बोर्ड में ऐसे टॉपर्स के भी उदाहरण हैं, जिन्‍हें विषय का मूलभूत ज्ञान नहीं था। इतना ही नहीं विषय का नाम व उसके अंतर्गत क्‍या पढ़ाया जाता है, इसका भी पता नहीं था। उस दौर में परीक्षार्थी फिल्‍मी गाने लिखकर भी टॉप कर चुके हैं। ऐसी ही एक टॉपर रही रूबी राय की याद हर साल बिहार बोर्ड के रिजल्‍ट के दौरान जरूर आ जाती है।

मीडिया से बातचीत में खुली पोल, शुरू हुई जांच

साल 2016 में बिहार बोर्ड की 12वीं (इंटरमीडिएट) की आर्ट्स टॉपर रूबी राय ने जब मीडिया ने बातचीत में बताया कि उसने 'प्रोडिकल साइंस' (पॉलिटिकल साइंस) विषय के साथ परीक्षा दी थी तथा उस विषय में 'खाना बनाने की पढ़ाई' होती है, तो हड़कम्‍प मच गया। उस साल का 12वीं का साइंस टॉपर भी मीडिया से बातचीत में भौतिकी व रसायन के मूलभूत सवालों के जवाब नहीं दे सका। इसके बाद मामले ने जब तूल पकड़ा तो मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच कमेटी बनाई। साथ ही पुलिस जांच भी शुरू की गई।

बोर्ड के अध्‍यक्ष सहित कई सफेदपोश गिरफ्तार

जांच के दौरान बिहार बोर्ड में सालों से संचालित बड़े रिजल्‍ट घोटाले का पता चला। रूबी राय ने वैशाली जिला के जिस कॉलेज से परीक्षा दी थी, उसका प्रिंसिपल बच्‍चा राय घोटाले का मास्‍टरमाइंड निकला। उसके तार बोर्ड के तत्‍कालीन अध्‍यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सहित कई सफेदपोशों तक जुड़े निकले। बच्‍चा राय व लालकेश्‍वर प्रसाद राय सहित कई बड़े लोग गिरफ्तार कर लिए गए। रूबी राय को भी गिरफ्तार किया गया।

कॉपियों में लिखे थे 'तुलसीदास प्रणाम' व फिल्‍मी गाने

साल 2016 की आर्ट्स टॉपर रूबी राय ने भी घोटाले की पोल खोली। उसने बताया कि उसे कहा गया था कि कोॅपियों में कुछ भी लिख दे, बाद में देख लिया जाएगा। रूबी ने बताया कि उसने परीक्षा के दौरान कॉपियाें में 'तुलसीदास प्रणाम' तथा 101 फिल्‍मी गाने आदि लिखे थे। बाद में उसकी कॉपियों किसी और ने लिखी थीं।

पास हाेने लायक भी नहीं थे टॉपर, रिजल्‍ट रद

बाद में बिहार बोर्ड में रूबी राय सहित सभी टॉपर्स का एक्‍सपर्ट कमेटी ने फिर से टेस्‍ट लिया। इस टेस्‍ट में रूबी सहित कई टॉपर पास तक नहीं कर सके। इस कारण उनके रिजल्‍ट रद कर दिए। साइंस टॉपर का रिजल्‍ट भी रद कर दिया गया। इसके साथ बिहार बोर्ड देश का पहला परीक्षा बोर्ड बना, जिसके टॉपर पास होने के लायक भी नहीं पाए गए।

साल 2017 में भी उजागर हुआ टॉपर घोटाला

घोटाले के कारण हुई बदनामी के बाद सरकार ने पटना के तत्‍कालीन प्रमंडलीय आयुक्‍त आनंद किशोर को बिहार बोर्ड का नया अध्‍यक्ष बनाया। उन्‍होंने बोर्ड में कई सुधार किए। लगा कि बोर्ड में अब सबकुछ ठक है। लेकिन साल 2017 में फिर नया टॉपर घोटाला सामने आ गया। साल 2017 में 12वीं के आर्ट्स टॉपर गणेश कुमार ने संगीत विषय के साथ परीक्षा दी थी, लेकिन उसे संगीत की मूलभूत जानकारी भी नहीं थी। उसने परीक्षा देने के लिए उम्र भी छिपाया था। बोर्ड ने उसके रिजल्‍ट को रद कर सेकेंड टॉपर नेहा कुमारी को आर्ट्स टॉपर घोषित किया।

अब धीरे-धीरे बदल रही छवि, हो रहा सुधार

दो सालों की छाछालेदर के बाद साल 2018 से सुधार के प्रसास रंग लाते दिखे। तब से कदाचार या भ्रष्‍टाचार पर लगाम लगा है। रिजल्‍ट भी समय पर जारी हो रहे हैं। इसके साथ बिहार बोर्ड धीरे-धीरे नई पहचान बना रहा है।

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