पटना, जेएनएन। बिहार सरकार ने हड़ताली शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा विभाग ने पटना सिटी नुरूद्दीनगंज और चकारम मध्य विद्यालय के शिक्षकों पर कार्रवाई करते हुए शिक्षक मनोज कुमार और मुस्तफा आजाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन दोनों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

पटना डीईओ ने आनन फानन में दोनों शिक्षकों की बर्खास्तगी का पत्र जारी किया है। इन शिक्षकों पर मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण कार्य नहीं करने का आरोप लगाया गया है। जिला अधिकारी के निर्देश के बाद इन शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षक अपना अगला कदम क्या उठाएंगे, इसपर सरकार की भी नजर रहेगी। 

शिक्षकों ने दी धमकी-बर्खास्तगी वापस ले सरकार वर्ना उग्र आंदोलन होगा

नियोजित शिक्षकों पर हुई कार्रवाई पर शिक्षक संघ ने उठाया सवाल और कहा कि शिक्षकों को बर्खास्त करना गलत है। शिक्षकों ने इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि  डीईओ ज्योति कुमार की ये तुगलकी कार्रवाई है, जिसका हम विरोध करते हैं। बिना शिक्षकों का पक्ष जानें इस तरह से एक तरफा कार्रवाई कैसे हुई? इसका जवाब देना होगा। शिक्षकों ने धमकी दी है कि डीईओ जल्द-से-जल्द बर्खास्तगी का पत्र वापस लें, नहीं तो अब हम उग्र आंदोलन करेंगे। 

शिक्षक संघर्ष समिति के नेता मार्कण्डेय पाठक ने सवाल उठाते हुए कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दो  शिक्षकों की बर्खास्तगी की कार्रवाई तुगलकी फरमान है। हड़ताल करने के संवैधानिक हक को सरकार छीनना चाहती है। किसी भी कार्रवाई से शिक्षक डरने वाले नहीं हैं। बर्खास्तगी की कार्रवाई से सरकार शिक्षकों को उग्र आंदोलन के लिए उकसा रही है।

मैट्रिक परीक्षा का दूसरा दिन

बता दें कि 17 फरवरी से बिहार बोर्ड के मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो गई है और आज परीक्षा का दूसरा दिन है। परीक्षा से पहले ही शिक्षकों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी और सरकार की कोशिशों और धमकी के बावजूद भी शिक्षक हड़ताल पर हैं और अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। 

Posted By: Kajal Kumari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस