आरा, जागरण संवाददाता। बिहार के आरा शहर के डॉक्‍टरों ने खुद को लॉक कर लिया है। मरीज डॉक्‍टरों का दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुन नहीं रहा है। दरअसल शहर के प्राइवेट क्लिनिक और प्राइवेट प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्‍टरों ने कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए खुद को आइसोलेट कर लिया है। परिणामस्वरूप शहर के कई निजी क्लीनिकों में इन दिनों ताला लटक गया है। कई नर्सिंग होम समेत प्रमुख सर्जनों की क्लीनिक बंद हो गई है। कुछ के ताले खुले हुए हैं। कुछ डॉक्टारों ने क्लिनिक स्टाफ के संक्रमित होने का जिक्र कर अगले आदेश तक के लिए बंद रखने का नोटिस लगा दिया है। इसके बाद बीजेपी विधायक ने वीडियो जारी कर डॉक्‍टरों के हाथ-पांव जोड़े। कहा- महामारी के इस संकट के वक्‍त मरीजों को इलाज के बिना तड़प-तड़पकर ना मरने दें।

पर्सनली फोन करने पर भी डॉक्‍टर नहीं दे रहे रेस्‍पांस

आरा जिला के बड़हरा से भाजपा विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने जिले में लगातार बढ़ रहे कोविड मरीजों के इलाज के लिए जिले के चिकित्सकों के सामने मदद के लिए हाथ जोड़ा है। पूर्व मंत्री और भाजपा के विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाया हैं । उन्होंने वीडियो के माध्यम से कहा है कि वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए दिल्ली में है।  आरा शहर के निजी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से अनुरोध है कि वे रोज कम से कम दो से तीन घंटे के लिए भी अपना निजी क्लीनिक खोलें। डॉक्टर भगवान के दूत होते है। आज मरीज डॉक्टर के इंतजार में तड़प रहे हैं। आरा शहर के चिकित्सकों को पर्सनली फोन करने पर वह कोई रेस्पॉन्स नहीं दे रहे हैं। लोगों के ऊपर कृपा कर, उन्हें अपने नर्सिंग होम और क्लिनिक को खोलना चाहिए। उन्‍होंने आगे कहा कि मैं डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़ता हूं, उनके पैर पड़ता हूं। वे अपने निजी अस्पतालों को खोलें । मरीज कहां जायेंगे।

डीएम से भी लगाई गुहार

विधायक ने कहा कि उनकी भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा से भी इस संदर्भ में बात हुई है कि आरा शहर के चिकित्सकों की एक मीटिंग बुलाकर उनसे आग्रह करें कि अपने निजी क्लिनिक को कम से कम एक-दो घंटा के लिए भी खोले ताकि लोग तड़प-तड़प कर दम न तोड़ दें । डॉक्टरों को सोचना चाहिए कि वे दरवाजा बंद कर सोए हुए हैं, मरीज तड़प रहे हैं, मर रहे है। आपको जरा भी फिक्र नहीं है । मैं एक विधायक नहीं, बल्कि एक नागरिक के नाते हाथ जोड़ता हूं। मैं पैर पड़ता हूं। डॉक्टरों को अपना क्लिनिक खोलना चाहिए। इस महामारी के समय में मरीजों की मदद करनी चाहिए।उनका इलाज करना चाहिए अन्यथा भोजपुर जिले में लोग तड़प-तड़प कर मरने पर मजबूर हो जाएंगे।

ऐसे बढी आम लोगों की परेशानी

  बता दें कि कोविड संक्रमण कहर बरपा रहा है। कई लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। किसी मरीज को बेड नहीं मिल रहा है तो किसी को ऑक्सीजन। हालात यह है कि छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज कराने के लिए भी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। निजी डॉक्टरों के आइसोलेट हो जाने से सरकारी अस्पतालों पर बोझ बढ़ गया है। यहां भी मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीजों की शिकायत है कि डॉक्टर उचित परामर्श नहीं दे रहे। केवल खानापूर्ति की जा रही है। कई दवाएं भी सरकारी अस्पतालों में नहीं मिल रही है। आपको बताते चलें कि आरा शहर के केजी रोड, कतीरा, महावीर टोला रोड, रमना मैदान रोड, मठिया रोड व पकड़ी सर्किट हाउस रोड में कई फिजीसियन एवं सर्जन डॉक्टरों का निजी अस्पताल है। जहां प्रतिदिन मरीज इलाज के लिए पहुंचते है।

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