बिहार में पांच दिन बैंक बंद रहने का खतरा, हड़ताल से पहले केंद्र ने बुलाई बैंक प्रबंधन की बैठक
केंद्र सरकार ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स की 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर सार्वजनिक ...और पढ़ें

पांच दिन बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने की आशंका
HighLights
बैंक यूनियनों की 28, 29, 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल।
वित्त मंत्रालय ने बुलाई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की बैठक।
बिहार में लगातार पांच दिन बैंक बंद रहने की आशंका।
राज्य ब्यूरो, पटना। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स की 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर केंद्र सरकार सतर्क हो गई है। वित्त मंत्रालय ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, ग्रामीण बैंकों और नाबार्ड के शीर्ष प्रबंधन की सोमवार को बैठक बुलाई है।
बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्रालय के सचिव करेंगे। इसमें हड़ताल के दौरान ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने और वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था पर चर्चा होगी।
हड़ताल से पहले समझौते की कोशिश
आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी ने शनिवार को बताया कि मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) ने 22 और 23 सितंबर को इंडियन बैंक एसोसिएशन, बैंक प्रबंधन और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों को समझौता वार्ता के लिए बुलाया है। इन बैठकों में बैंक यूनियनों की मांगों पर चर्चा होगी। इससे हड़ताल टालने की संभावना पर भी बातचीत होगी।
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत कई मांगें
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना शामिल है। इसके अलावा पीएलआइ का बिना भेदभाव भुगतान, रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति एवं प्रोन्नति, आइडीबीआइ के विदेशीकरण पर रोक और पेंशन अपडेशन की मांग भी शामिल है। यूनियनों की ओर से इन मांगों को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पांच दिन बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने की आशंका
डीएन त्रिवेदी के अनुसार, यदि वार्ता में सकारात्मक समझौता नहीं हुआ तो बिहार में बैंक लगातार पांच दिन बंद रह सकते हैं। 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंकों में पहले से अवकाश रहेगा।
इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल है। ऐसे में लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होने की आशंका है।
ग्राहकों की सुविधा को लेकर प्रबंधन की तैयारी
हड़ताल की स्थिति में ग्राहकों को होने वाली परेशानी को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, ग्रामीण बैंकों और नाबार्ड के शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
इसमें बैंकिंग सेवाओं को यथासंभव सुचारु रखने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। वार्ता के परिणाम और यूनियनों के अगले कदम से यह स्पष्ट होगा कि प्रस्तावित हड़ताल आगे जारी रहती है या टलती है।
