Bihar: क्या विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए राजद भी देगा उम्मीदवार; विधायकों की संख्या से क्या बन रही स्थिति?
Bihar News: बिहार विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। पूर्व मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार को यह पद मिलने जा रहा है। व एनडीए के उम्मीदवार होंगे। एक दिसंबर को नामांकन की प्रक्रिया होगी। जरूरी तैयारी पूरी कर ली गई है।

बिहार विधानसभा परिसर में सुरक्षा का जायजा लेने पहुंचे डीएम-एसएसपी। सौ-जिला प्रशासन
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव दो दिसंबर को होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डाॅ. प्रेम कुमार को यह पद मिलने जा रहा है।
वे एनडीए के सर्वसम्मत उम्मीदवार होंगे। एक दिसंबर को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी। विधानसभा सचिवालय की ओर से जरूरी तैयारी पूरी कर ली गई है।
एनडीए को मिले प्रचंड बहुमत के कारण विस अध्यक्ष का निर्वाचन निर्विरोध होगा। मुख्य विपक्षी दल राजद की ओर से उम्मीदवार देने की कोई संभावना नहीं है।
17 वीं विधानसभा में भी एनडीए गठबंधन में विस अध्यक्ष का पद भाजपा के पास ही था। तीन दिसंबर को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सेंट्रल हाल में विधानमंडल के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे।
नव निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण एक दिसंबर को होगा।यह सामूहिक के बदले अलग-अलग होगा। एक समय में एक ही विधायक शपथ पढ़ेंगे।उस दिन किसी कारणवश कोई विधायक शपथ नहीं ले पाते हैं तो वे बाद में विस अध्यक्ष के कक्ष में शपथ लेंगे।
दंडाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी प्रतिनियुक्त
बिहार विधान सभा सत्र के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. तथा वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग की।
विधान सभा परिसर में अधिकारीद्वय ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। आठ क्यूआरटी भी सक्रिय रहेगा।
कहा गया कि सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी दिनांक 01 दिसम्बर, 2025 को प्रातः 09.00 बजे एवं आगे प्रतिदिन विधान मंडल की कार्यवाही शुरू होने के एक घण्टा पहले अपने प्रतिनियुक्ति स्थान पर निश्चित रूप से पहुँच जाएँगे।
सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी प्रत्येक दिन विधान मंडल की बैठक की समाप्ति के पश्चात ही अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल को छोड़ेंगे।
अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश पर रोक
जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति विधान मंडल परिसर में प्रवेश नहीं करे। यदि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश करता है तो उसकी सारी जवाबदेही वहाँ पर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की होगी।
सचिवालय, विधान सभा एवं विधान परिषद क्षेत्र में बिना प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति/वाहन को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।
जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा वरीय पदाधिकारियों के साथ विधानमंडल परिसर का भ्रमण एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया। अधिकारीद्वय द्वारा पदाधिकारियों को इस निमित आवश्यक निदेश दिया गया।
विधान सभा परिसर में स्थापित नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारी सभी दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
अनुमण्डल दण्डाधिकारी, पटना सदर द्वारा बिहार विधान मंडल की सत्रावधि में बिहार विधान मंडल परिसर एवं आस-पास के क्षेत्र में पूर्व की तरह विधि-व्यवस्था संधारण हेतु एहतियात के तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा लागू की गई है। अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर एवं पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय इस अवसर पर विधि-व्यवस्था के प्रभार में रहेंगे।
जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को त्रुटिरहित एवं सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सजग, तत्पर तथा प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया।

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