पटना, जेएनएन : चुनाव आयोग ने विधान सभा चुनाव में मतदान के लिए मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त 11 विकल्प दिए हैं। मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त आयोग द्वारा जारी 11 में किसी एक फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाने पर ही मतदान की अनुमति मिलेगी। विकल्प में आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एनपीआर के अंतर्गत आरजीआइ द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र व राज्य सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी पहचान पत्र तथा सांसदों, विधायकों व विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र शामिल हैं। 

एनआरआइ को दिखाना होगा मूल पासपोर्ट: चुनाव आयोग के अनुसार प्रवासी निर्वाचकों को जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन मतदाता सूची में पंजीकृत हैं। उन्हें मतदान केंद्र में केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही मतदान की अनुमति दी जाएगी। 

पिता व अपने नाम में गलती के बाद भी देंगे वोट : 

मतदाता पहचान पत्र में लेखन व वर्तनी की अशुद्धि को नजरअंदाज किया जाएगा। यदि किसी वोटर के पहचान पत्र में उनका उम्र, नाम की स्पेलिंग में गलती है तो परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पिता के नाम में त्रुटि होने पर केंद्र में परेशान नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग का कहना है कि यह तभी किया जाएगा जब मतदाता की पहचान ईपीआइसी से सुनिश्चित की जा सके। 

फोटो मतदाता पर्ची से इस बार नहीं कर पाएंगे मतदान:

विधान सभा चुनाव में इस बार फोटो मतदाता पर्ची दिखाकर मतदाता अपने मत का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में 100 फीसद मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र तथा 99 फीसद व्यस्क लोगों को आधार कार्ड जारी किया चुका है। फोटो मतदाता पर्ची के आधार पर पिछले चुनाव में फर्जी मतदान की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसे देखते हुए बिहार विधान सभा चुनाव के तीनों चरणों में इसे दिखाने के बाद मतदान की अनुमति नहीं होगी।

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