बिहार में बसेंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप, सीईपीटी देगा तकनीकी मार्गदर्शन; बिहार कैबिनेट में फैसला
बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास के लिए अहमदाबाद के सीईपीटी सलाहकार फाउंडेशन को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में मंजूरी दी है।

रणनीतिक और नीतिगत सहयोग देगा सीईपीटी(AI फोटो)
HighLights
बिहार सरकार ने सीईपीटी को तकनीकी सलाहकार चुना।
ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को मिलेगी गति।
रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने राज्य में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सुनियोजित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने अहमदाबाद स्थित सीईपीटी (सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी) सलाहकार फाउंडेशन को नामांकन के आधार पर तकनीकी सहायता इकाई के रूप में चयन करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस फैसले के बाद राज्य में प्रस्तावित नई सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं की बेहतर योजना, प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि यह पहल बिहार के शहरी विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रणनीतिक और नीतिगत सहयोग देगा सीईपीटी
सरकार के अनुसार, सीईपीटी ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के विकास के लिए रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके साथ ही संस्थान विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवश्यक नीतिगत सहायता भी उपलब्ध कराएगा।
सीईपीटी की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर राज्य सरकार आधुनिक शहरी नियोजन के मानकों के अनुरूप नई टाउनशिप विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इससे परियोजनाओं के संचालन और प्रबंधन में भी सुधार आने की उम्मीद है।
परियोजनाओं की निगरानी और समन्वय पर रहेगा जोर
सीईपीटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने के साथ-साथ नियामक और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में भी सहयोग करेगा।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए भी तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही विकास कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।
रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार के अनुसार, इस पहल से बिहार में आधुनिक और योजनाबद्ध शहरी विकास को नई गति मिलेगी। नई सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने से उद्योग, व्यापार, आवास, शिक्षा और अन्य सेवाओं के नए केंद्र स्थापित होंगे।
इसके परिणामस्वरूप रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी और राज्य में निवेश आकर्षित होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे बिहार की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव आएगा और संतुलित एवं योजनाबद्ध शहरी विकास को भी मजबूती मिलेगी।
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