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बिहार में हीमोफीलिया मरीजों के लिए बड़ी पहल, 26.34 करोड़ से खरीदी जाएगी नन-फैक्टर दवा

Published: Wed, 30 Sep 2026 07:13 PM (IST)

स्वास्थ्य विभाग ने बिहार में हीमोफीलिया मरीजों के लिए 'मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना' को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस योजना के ...और पढ़ें

मरीजों को नहीं होगी परेशानी

मरीजों को नहीं होगी परेशानी

HighLights

  1. 'मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना' को प्रशासनिक स्वीकृति मिली।

  2. मरीजों को उपचार में नन-फैक्टर दवा एमिसिज़ुमैब मिलेगी।

  3. पहले साल दवा खरीद पर 26.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों के उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने ‘मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना’ को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत मरीजों को उपचार में उपयोगी नन-फैक्टर दवा उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के अंतर्गत योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

पहले साल दवा खरीद पर खर्च होंगे 26.34 करोड़

योजना के तहत हीमोफीलिया के उपचार में उपयोगी नन-फैक्टर दवा एमिसिज़ुमैब की खरीद की जाएगी। इसके लिए प्रथम वर्ष में 26 करोड़ 33 लाख 63 हजार 490 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के हीमोफीलिया मरीजों को जरूरी उपचार और दवा उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य मंत्री बोले- मरीजों को नहीं होगी परेशानी

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि हीमोफीलिया से पीड़ित मरीजों को आवश्यक दवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मरीजों को उपचार के लिए किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

क्या है योजना का उद्देश्य?

‘मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना’ के माध्यम से मरीजों को उपचार में जरूरी नन-फैक्टर दवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से हीमोफीलिया के उपचार की सुविधा को और सुलभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।