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बिहार में शिक्षकों की कमी पर बोले सम्राट, एक महीने में भर दिए जाएंगे खाली पद

Published: Tue, 21 Jul 2026 06:43 PM (IST)

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार के अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में एक महीने के भीतर प्रतिनियुक्ति के आधार पर सभी आवश्यक शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रतिनियुक्ति से तत्काल दूर होगी कमी

प्रतिनियुक्ति से तत्काल दूर होगी कमी

HighLights

  1. अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।

  2. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महीने में प्रतिनियुक्ति की घोषणा की।

  3. शिक्षा विभाग करेगा शिक्षकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी।

राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि राज्य के अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में एक महीने के अंदर प्रतिनियुक्ति के आधार पर सभी आवश्यक शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की शिक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से मानीटरिंग की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

विधानसभा में उठा शिक्षकों की कमी का मुद्दा

सदन में यह मामला श्याम रजक ने उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य के डा. भीमराव अंबेडकर इंटर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों की तुलना में काफी कम शिक्षक कार्यरत हैं।

शिक्षकों की कमी के कारण इन विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की।

बीपीएससी को भेजी गई नियुक्ति की अधियाचना

अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि विभाग में शिक्षकों के स्वीकृत पद 2406 हैं, जबकि करीब 1200 शिक्षक वर्तमान में कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों की नई नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गई है। सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रतिनियुक्ति से तत्काल दूर होगी कमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नियुक्ति होने तक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रतिनियुक्ति का सहारा लिया जाएगा।

एक महीने के भीतर सभी विद्यालयों में आवश्यक शिक्षक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा विभाग इसकी निगरानी करेगा, ताकि व्यवस्था समय पर पूरी हो सके।

सरकार के इस कदम से आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।