पटना, जेएनएन। 20 साल बाद घर में रणजी ट्रॉफी के मैच खेलने उतरी बिहार की टीम ने शुक्रवार को रनों के हिसाब से अब तक की सबसे बड़ी जीत से शानदार आगाज किया। मोइनुल हक स्टेडियम में खेले गए चार दिवसीय मुकाबले के तीसरे ही दिन मेजबान टीम ने सिक्किम को 395 रनों से करारी शिकस्त देकर नॉकआउट में पहुंचने की संभावना को बरकरार रखा है।
इसके साथ ही बिहार ने पटना में 42 साल बाद फतह हासिल की। इसके पूर्व उसने 1976-77 में पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में ही ओडिशा को एक पारी और 226 रनों से हराया था। पटना से बाहर एकीकृत बिहार ने 19 साल पूर्व 1999-2000 सत्र में जमशेदपुर में असम को 191 रनों से हराया था, जबकि बिहार से बाहर उसने 2003-4 में नागपुर में विदर्भ को सात विकेट से हराने में कामयाबी हासिल की थी। तीन मैचों में सात अंक लेकर बिहार अंक तालिका में आठवें से चौथे स्थान पर आ गया है। इस सत्र में उसका चौथा मुकाबला पटना के ऊर्जा स्टेडियम में छह दिसंबर से अरुणाचल प्रदेश से होगा।
 बिहार को पहले मुकाबले में उत्तराखंड से हार मिली थी, जबकि दूसरा मैच पुडुचेरी के खिलाफ बारिश के कारण ड्रॉ रहा था। इस मैच में जीत से उसे छह अंक मिले। अब उसके तीन मैचों में कुल सात अंक हो गए हैं और अपने ग्रुप में आठवें से चौथे स्थान पर आ गया है।
दोनों परियों पर आल आउट हुई थी सिक्किम
 बिहार ने पहली पारी में 288 रन बनाए थे। जवाब में सिक्किम की टीम 81 रनों पर सिमट गई। इसके बावजूद मेहमानों को फालोआन न देकर बिहार ने बल्लेबाजी करने का फैसला किया और दूसरी पारी तीसरे दिन सात विकेट पर 296 रन बनाकर घोषित कर दी। सिक्किम को 504 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन पूरी टीम 43.1 ओवर में 108 रनों पर सिमट गई। बिहार की ओर से दूसरी पारी में स्पिनरों ने कमाल किया और आशुतोष अमन और समर कादरी ने 5-5 विकेट लिए।

विशाल लक्ष्य के दबाव से टूटे मेहमान

विशाल लक्ष्य के दबाव को झेलना सिक्किम के लिए मुश्किल लग रहा था और हुआ भी वही। तीसरे दिन के विकेट को पढ़ते हुए कप्तान बाबुल ने दोनों छोर से स्पिन आक्रमण को तरजीह दी, जिसका फायदा हुआ। पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले स्पिनर आशुतोष अमन ने लंच से पहले आखिरी ओवर में मेहमानों को पहला झटका दिया। लंच के बाद उन्होंने आशीष थापा को चलता किया। समर कादरी ने जहान के रूप में सिक्किम का तीसरा विकेट झटका, जो इस मैच में उनका यह पहला शिकार था। 47 के स्कोर पर आशुतोष ने कप्तान लिमिचाने को 14 के निजी योग पर चलता कर मेहमानों की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। रही-सही कसर समर कादरी ने पिछले तीन मैचों में शतक जडऩे वाले सिक्किम के सबसे सफल बल्लेबाज मिलिंद को 13 रन पर आउट कर पूरी कर दी। पटना के ऑफ स्पिनर ने इसके बाद भी भी कहर बरपाना जारी रखा, जिससे कुछ देर में पूरी टीम सिमट गई।   
बल्ले से उत्कर्ष, विकास ने जमाया रंग
इसके पूर्व दूसरे दिन गुरुवार को अनुभवी रहमतउल्लाह शाहरुख ने 66 रन बनाकर मजबूत स्कोर की नींव रखी थी। शुक्रवार को उत्कर्ष के साथ विकेटकीपर विकास रंजन ने उस पर मजबूत इमारत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हालांकि चार विकेट पर 150 रन से आगे खेलने उतरी मेजबान टीम के केशव कुमार को मिलिंद ने जल्द आउट किया, लेकिन इसके बाद उत्कर्ष और विकास ने खुबसूरत स्ट्रोक की झड़ी लगाकर स्टेडियम में बैठे दर्शकों को तालियां बजाने का मौका दिया। लंच से पूर्व दोनों ने अर्धशतक भी पूरे किए। मेहमान कप्तान निलेश लिमिचाने ने विकेट न गिरता देख बदलाव के तौर पर ली योंग लेप्चा को मोर्चे पर लगाया, जिसका फायदा उन्हें हुआ। लेप्चा ने सबसे पहले विकास को 55 और इसके बाद उत्कर्ष को 59 के निजी योग पर चलता किया, लेकिन तब तक बिहार के स्कोर बोर्ड पर सात विकेट पर 288 रन टंग चुका था। लंच से 20 मिनट पूर्व मेजबान कप्तान बाबुल ने पारी सात विकेट पर 296 रनों पर घोषित कर दी। इसके बाद 504 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे मेहमान बल्लेबाज बिवेक को आशुतोष अमन ने आउट कर बिहार की जीत का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
संक्षिप्त स्कोर : बिहार पहली पारी
288 रन आलआउट, 90.5 ओवर, सिमि पहली पारी : 81 रन आलआउट, 39.4 ओवर, बिहार दूसरी पारी : सात विकेट पर 296 रन, पारी घोषित, 81 ओवर, इंद्रजीत कुमार 30, कुमार रजनीश 25, बाबुल कुमार 00, रहमतउल्लाह शाहरुख 66, केशव कुमार 36, उत्कर्ष 59, विकास रंजन 55, आशुतोष अमन नाबाद 17, विवेक नाबाद 5, अतिरिक्त : 3, ईश्वर चौधरी 1/49, मिलिंद 4/63, ली योंग लेप्चा 2/48, सिमि दूसरी पारी : 108 रन आलआउट, 43.1 ओवर, लिमिचाने 14, आशीष 17, मिलिंद 13, बीबी शर्मा 32, ली योंग लेप्चा 23, अतिरिक्त : 6, आशुतोष अमन 5/22, समर कादरी 5/32।
रनों के हिसाब से बिहार की पांच बड़ी जीत
2018-19 सत्र में पटना में सिक्किम को 395 रन से हराया
1949-50 सत्र में जमशेदपुर में ओडिशा को 356 रन से हराया
1974-75 सत्र में जोरहाट में असम को 319 रनों से हराया
1968-69 सत्र में धनबाद में ओडिशा को 287 रनों से हराया
1999-2000 सत्र में जमशेदपुर में असम को 191 रनों से हराया

Posted By: Akshay Pandey

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