बिहार के 9 शहरों में पांच मंजिला बस टर्मिनल का डिजाइन फाइनल, जल्द शुरू होगा निर्माण
राज्य के नौ शहरों में बनने वाले अत्याधुनिक बस टर्मिनलों का डिजाइन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में फाइनल कर लिया गया है।

बिहार के नौ शहरों में बनेंगे पांच मंजिला अत्याधुनिक बस टर्मिनल, डिजाइन मंजूर (AI Generated Image)
HighLights
नौ शहरों में अत्याधुनिक बस टर्मिनल डिजाइन फाइनल।
पांच मंजिला टर्मिनलों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं।
निजी भागीदारी से बनेंगे, रोजगार के अवसर भी।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के नौ शहरों में बनाए जाने वाले अत्याधुनिक बस टर्मिनल का डिजाइन फाइनल कर लिया गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में बस डिपो के डिजाइन को मंजूरी दे दी गई है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) के अनुसार, पहले चरण में मुजफ्फरपुर, गया, बिहारशरीफ, राजगीर, दरभंगा, पूर्णिया, मोतिहारी, तारापुर और मुंगेर में बस टर्मिनल का डिजाइन मंजूर किया गया है। मंजूरी के बाद अब जल्द ही आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन नए बस टर्मिनलों में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल डिस्प्ले सूचना प्रणाली, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पर्याप्त पार्किंग, यात्री सहायता केंद्र, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था, एटीएम, दीदी की रसोई और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं होंगी।
प्रस्तावित पांच मंजिला टर्मिनलों के ग्राउंड फ्लोर पर बसों की पार्किंग और वर्कशॉप की व्यवस्था होगी, जबकि ऊपरी तलों पर निगम का कार्यालय, कैफेटेरिया, दुकानें, एसी एवं नॉन एसी वेटिंग रूम, बस चालकों और कंडक्टरों के लिए डॉर्मेटरी, गेस्ट रूम, महिला फीडिंग रूम, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएंगे।
31 शहरों में बनाया जाना है मल्टी-मॉडल हब:
राज्य के 31 महत्वपूर्ण शहरों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए चिह्नित किया है, जिनमें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुंगेर, जमुई, नवादा, सहरसा, पालीगंज, लहेरियासराय, मधुबनी, किशनगंज, मोतिहारी, छपरा, सुल्तानगंज, नौबतपुर, बरबीघा, मोकामा, चकाई, सीतामढ़ी, बिहारशरीफ, औरंगाबाद, आरा, जहानाबाद, संग्रामपुर, तारापुर और राजगीर शामिल हैं।
इस परियोजना में निगम जमीन उपलब्ध कराएगा और निर्माण व रखरखाव की जिम्मेदारी निजी भागीदार की होगी। इन टर्मिनलों को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न सिर्फ यात्रा अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
