बिहार में 50 लाख जीविका दीदियां बनी लखपति, केंद्रीय मंत्री को सुनीता ने सुनाई अपनी सक्सेस स्टोरी
बिहार में महिला आर्थिक सशक्तीकरण के तहत 50 लाख से अधिक जीविका दीदियां लखपति बन चुकी हैं। यह उपलब्धि सरकार ...और पढ़ें

बिहार में 50 लाख से अधिक जीविका दीदियां बनीं लखपति, महिला सशक्तीकरण की नई मिसाल
HighLights
बिहार में 50 लाख से अधिक जीविका दीदियां बनीं लखपति।
सुनीता देवी ने जन औषधि केंद्र चलाकर आत्मनिर्भरता दिखाई।
सरकार महिला उद्यमिता और स्वावलंबन को बढ़ावा देने को प्रतिबद्ध।
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार की ओर से महिला आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम सामने आया है। बिहार में लखपति दीदी बनाने की पहल के अंतर्गत अबतक 50 लाख से अधिक दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं।
भारत सरकार की ओर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकारी सामने आई है। कार्यक्रम में बिहार की लखपति दीदी सुनीता देवी ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ संवाद किया।
सुनीता ने शेयर की अपनी सक्सेस स्टोरी
इस दौरान सुनीता ने आजीविका संवर्द्धन एवं उद्यमिता से जुड़ी विकास यात्रा को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह नालंदा की पूजा जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं और वर्तमान में बिहारशरीफ में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का संचालन कर रही हैं।
जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने पहले बुक कीपर के रूप में कार्य किया। वर्ष 2018 में क्लस्टर फैसिलिटेटर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने जीविका के स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं के साथ निकटता से कार्य किया।
वर्ष 2023 में नालंदा में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र शुरू किए जाने की पहल के दौरान सुनीता देवी ने सहायक फार्मासिस्ट के पद के लिए आवेदन किया और उनका चयन हुआ।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में दवाओं के संबंध में उनका ज्ञान सीमित था, लेकिन प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में कार्य करते हुए वहां के मुख्य फार्मासिस्ट ने उन्हें दवाओं की जानकारी प्रदान की जिससे उन्हें दवाओं और केंद्र के संचालन से संबंधित आवश्यक अनुभव प्राप्त हुआ।
परिवार के सहयोग और बिहारशरीफ स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में प्राप्त अनुभव के आधार पर उन्होंने अपना जन औषधि केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई और फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (बीएमबीआई) से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर केंद्र का संचालन शुरू किया। सभी खर्चों को निकालने के बाद वह वर्तमान में लगभग 20-25 हजार प्रतिमाह आय अर्जित कर रही हैं।
सुनीता देवी की जीविका के बुक कीपर से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की संचालक बनने तक की यात्रा लाखों महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। 50 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और उद्यमी बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। - श्रवण कुमार, मंत्री, ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग
