वित्त रहित स्कूल-कॉलेजों के लिए खुशखबरी, 461 करोड़ का अनुदान जारी; बिहार में शिक्षकों-कर्मियों के भुगतान का रास्ता साफ
बिहार में वित्त रहित स्कूलों और कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मियों के लिए 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी ...और पढ़ें

सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री बिहार
HighLights
वित्त रहित स्कूलों-कॉलेजों के शिक्षकों-कर्मियों को बड़ी राहत मिली।
कुल 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी किया गया।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी।
राज्य ब्यूरो, पटना। वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शिक्षक और कर्मियों के भुगतान के लिए अनुदानित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कुल 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी किया गया है। इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से दी है।
शिक्षकों-कर्मियों के भुगतान के लिए जारी हुई राशि
जारी अनुदान का उद्देश्य संबंधित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान में सहायता देना है। लंबे समय से वित्तीय संसाधनों को लेकर संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों के बीच इस राशि को महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्त रहित विद्यालय -महाविद्यालय के लिए खुशखबरी शिक्षक एवं साक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान हेतु अनुदानित विद्यालयो एवं महाविद्यालयों के लिए कुल ₹ 461 करोड़ का सहायक अनुदान निर्गत किया गया हैं शिक्षकों,कर्मियों एवम संस्थानों के हित निरंतर प्रयास- उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 19, 2026
‘उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य’ पर जोर
सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षकों, कर्मियों एवं संस्थानों के हित में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
461 करोड़ के अनुदान से संस्थानों को मिलेगी मदद
सरकार की ओर से जारी 461 करोड़ रुपये की सहायता राशि से अनुदानित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भुगतान संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के हित को ध्यान में रखते हुए यह राशि जारी की गई है। सरकार का संदेश है कि बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षकों और संस्थानों को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।
