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बिहार में तीन माह में 43,832 अभियुक्तों को सजा, 354 को दी गई उम्रकैद; तीन को फांसी

Published: Sat, 17 Oct 2026 06:30 AM (GMT+05:30)

बिहार में पिछले तीन महीनों (जुलाई-सितंबर) में लगभग 33 हजार मामलों में 43,832 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है। इनमें ...और पढ़ें

बिहार में शराब से जुड़े मामलों में सबसे अधिक सजा।

बिहार में शराब से जुड़े मामलों में सबसे अधिक सजा।

HighLights

  1. तीन माह में 43,832 अभियुक्तों को सजा मिली।

  2. उत्पाद अधिनियम में सर्वाधिक 38,308 लोग दंडित हुए।

  3. 354 को आजीवन कारावास, तीन को फांसी की सजा।

राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में जुलाई से सितंबर तक पिछले तीन माह में लगभग 33 हजार कांडों में 43 हजार 832 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है।

इनमें सर्वाधिक 38 हजार 308 अभियुक्तों को उत्पाद अधिनियम के तहत दंडित किया गया है। इसके बाद हत्या और आर्म्स एक्ट से जुड़े कांडों में सजा सुनाई गई है।

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर तक हत्याकांड के मामलों में 367 जबकि आर्म्स एक्ट के मामले में 336 आरोपितों को सजा दी गई है।

एनडीपीएस के मामले में 170 को सजा 

इसके बाद एससी-एसटी अत्याचार निवारण एक्ट से जुड़े मामलों में 125 और पाक्सो एक्ट के मामले में 121 अभियुक्तों को कोर्ट ने दंड दिया है।

मादक द्रव्यों की तस्करी से जुड़े एनडीपीएस के मामले में 170 आरोपितों को सजा मिली है। इसके अलावा दुष्कर्म कांडों में 67, डकैती में 72, दहेज हत्या में 56 जबकि अन्य कांडों में चार हजार से अधिक दोषियों को पिछले तीन माह में सजा मिली है।

41 हजार से अधिक ने भरा जुर्माना, 354 को आजीवन कारावास 

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, विगत तीन माह में जिन 43 हजार से अधिक अभियुक्तों को सजा सुनाई गई है, उनमें 41 हजार 891 को जुर्माना या बांड भरकर छोड़ दिया गया है।

इनमें उत्पाद अधिनियम से जुड़े अधिसंख्य मामले थे जिनमें शराब पीने के अपराध में लोगों को पकड़ा गया था। इसके अलावा जघन्य कांडों में कोर्ट ने तीन को फांसी, 354 को आजीवन कारावास, 197 को दस वर्ष से अधिक, 620 को दस वर्ष से कम और 767 अभियुक्तों को दो वर्ष या उससे कम की सजा सुनाई गई है।

तीन माह में अलग-अलग अपराधों में सजा

माह

आर्म्स एक्ट

हत्याकांड

उत्पाद अधिनियम

जुलाई

336

367

13,470

अगस्त

83

113

12,320

सितंबर

117

122

12,518