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बिहार में 15 हजार से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, अब गाड़ी चलाई तो सीधे होगी जब्त

Published: Thu, 29 Oct 2026 07:37 PM (IST)

बिहार में यातायात नियमों के उल्लंघन पर 15,680 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद किए गए हैं, पकड़े जाने पर वाहन ...और पढ़ें

बिहार में 15 हजार से अधिक डीएल निलंबित (AI Generated Image)

बिहार में 15 हजार से अधिक डीएल निलंबित (AI Generated Image)

HighLights

  1. 15,680 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए।

  2. निलंबित लाइसेंस पर वाहन चलाने पर गाड़ी जब्त होगी।

  3. सड़क सुरक्षा उपायों और जागरूकता पर जोर दिया गया।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 15 हजार 680 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद करने की कार्रवाई की गई है। अगर निलंबित या रद लाइसेंस के बावजूद ऐसे लोग वाहन चलाते पकड़े जाते हैं, तो इनकी गाडि़यां जब्त की जाएंगी।

विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक में यह दिशा-निर्देश दिया गया।

उन्होंने परिवहन विभाग को लाइसेंस निलंबन के लिए पुलिस के स्तर से प्राप्त अनुशंसाओं पर 15 दिनों के भीतर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध अभियान तेज करने का भी निर्देश दिया। जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर एवं रोड साइनेज जैसे सुरक्षा उपायों पर भी चर्चा हुई।

पथ निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 5,124 जेब्रा क्रासिंग का निर्माण एवं फिर से पेंटिंग का काम पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त 161 जगहों पर जेब्रा क्रासिंग निर्माणाधीन है, जबकि 1,060 प्रस्तावित हैं।

वाहनों एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए 474 व्हीकल अंडरपास का निर्माण पूरा किया गया है, जबकि 219 निर्माणाधीन तथा 11 प्रस्तावित हैं। इसी प्रकार, 170 पैदल यात्री अंडरपास का निर्माण पूरा हुआ है। एनएचएआई के अंतर्गत 27 पैदल यात्री अंडरपास निर्माणाधीन हैं।

29 जिलों में 307 स्थानों पर लगेंगे कैमेरे व ट्रैफिक लाइट:

राज्य के 29 जिलों में 307 स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे एवं ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए जगह का चयन किया गया है। पुलिस मुख्यालय की तैयार सूची नगर विकास एवं आवास विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी के लिए दूसरे चरण में 58 हाइवे पेट्रोल वाहनों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है।

औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में 1,600 पुलिसकर्मियों एवं पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित है।

मई माह से प्रत्येक महीने एक दिन सरकारी तथा दो दिन निजी वाहन चालकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 7,985 वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

ट्रामा सेंटर के लिए बीएचयू का हुआ अध्ययन:

सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य की ट्रामा केयर व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। इसके लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की ट्रामा केयर व्यवस्था का अध्ययन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है।

स्कूली बसों की सुरक्षा एवं बच्चों की बैठान क्षमता को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 9162 स्कूल बसों में से 8,547 बसों में बैठान क्षमता प्रदर्शित की जा चुकी है।

स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए 983 रोड सेफ्टी एंबेसडर तथा 253 नोडल पदाधिकारियों का भी चयन किया गया है।

बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, एडीजी ट्रैफिक सुधांशु सिंह, परिवहन सचिव राज कुमार, परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन सहित आदि उपस्थित थे।