राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार की शाम कहा कि लालू चाहें तो हमको गोली मरवा सकते हैं, इसके अलावा कुछ और नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य से राजनीतिक गलियारे में सनसनी फैल गई। मुख्यमंत्री ने तारापुर और कुशेश्वरस्थान में हो रहे उप चुनाव के क्रम में अपनी चुनावी सभाओं से वापस लौटने के क्रम में पटना हवाई अड्डा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के क्रम में यह बात कही। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने चुनावी सभा के जाने के क्रम में मंगलवार को कहा था कि वह जदयू का विसर्जन करने आए हैैं। मुख्यमंत्री जब चुनाव प्रचार से वापस लौटे तब उनसे लालू प्रसाद के इस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि गोलिए मरवा दें। बाकी कुछ कर नहीं सकते वह। चाहें तो गोली जरूर मरवा सकते हैैं। मुख्यमंत्री ने इस वक्तव्य को दो बार कहा। लालू प्रसाद की चुनावी सभा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बहुत सहज अंदाज में कहा कि अरे जाएं न भाई। कुछ लोगों के लिए अपने परिवार को बढ़ाना ही सबसे बड़ी बात है।

जनता का मूड ठीकः नीतीश

चुनावी सभाओं में जनता के मिजाज के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का मूड ठीक है। उनसे सवाल किया गया कि राजद रोजगार के मसले को उठा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को कुछ मालूम नहीं है कि हम लोगों ने कितने लोगों के लिए रोजगार का प्रबंध किया है। जो बोल रहे हैैं उन्हें 15 वर्षों तक काम करने का मौका मिला था। बताएं कि कितने लोगों को रोजगार दिया? रोजगार के अतिरिक्त अपना उद्यम स्थापित किए जाने को ले हमलोगों ने एससी-एसटी को पांच लाख रुपए का ऋण और पांच लाख के अनुदान की योजना चलाई। मात्र एक प्रतिशत पर। बाद में यह योजना अति पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए भी शुरू की गई। सभी वर्ग के लिए महिलाओं के लिए भी योजना चल रही। हम लोग एक-एक काम करवा रहे हैैं। 

अंदर रहना है वहीं से सब कुछ होल्ड करना है

राजद पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बात करने वालों को पता है यह कि डाक्टर कितना आए हैं। पुलिस बल में कितनी महिलाएं आई हैं। पहले यह था। 15 साल में लोगों ने क्या करवाया। कितने लोगों को यहां से भगाए थे। व्यापार करने वाले लोगों को। अंदर रहना है वहीं से सब कुछ होल्ड करना है। जरा जबाव तो दें इसका। इन लोगों को कभी कोई चिंता थी? 

Edited By: Akshay Pandey