राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार में कोरोना संक्रमण का प्रसार धीरे-धीरे बढ़ रहा है। राहत की बात ये है कि अब स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक है। इसबी रविवार से 18 साल के ऊपर वालों का वैक्सीनेशन भी शुरू हो गया है। राज्य के अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर में ड्यूटी पर लगाए गए मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षकों, पुलिसकर्मियों व अन्य सरकारी कर्मियों को वेतन के साथ विशेष प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। जिन पदाधिकारियों व कर्मियों का वेतन स्तर-छह या इससे अधिक है, उन्हें 600 रुपये प्रतिदिन जबकि जिनका वेतन स्तर-पांच या इससे कम है, उन्हें 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि का भुगतान किया जाएगा। यह सुविधा तत्काल 31 जुलाई 2021 तक ही होगी। 

गृह विभाग ने जारी किया संकल्प पत्र

गृह विभाग ने रविवार को इससे जुड़ा संकल्प जारी कर दिया। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह प्रोत्साहन राशि सिर्फ नियमित सरकारी कर्मियों को ही मिलेगी। इसके अलावा अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर में किसी कार्य दिवस पर पूर्णकालिक रूप से प्रतिनियुक्त अफसरों व कर्मियों को ही इसका भुगतान किया जाएगा। इस बात का भी ख्याल रखा जाएगा कि इस योजना के तहत एक वर्ष में दी गई कुल राशि उनके एक माह के मूल वेतन से अधिक नहीं हो। राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों को पहले ही विशेष वेतन का भुगतान किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग डीएम को देगा राशि 

इस योजना के तहत राशि का आवंटन स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित जिला पदाधिकारियों को किया जाएगा। जिला पदाधिकारी कोविड ड्यूटी में लगाए गए अफसरों व कर्मियों को भुगतान करने के लिए उनके जिलास्तरीय प्रभारी पदाधिकारी को राशि उपलब्ध कराएंगे। विशेष प्रोत्साहन राशि देने का मकसद पुलिसकर्मियों व दंडाधिकारियों का मनोबल बनाए रखना है। मालूम हो कि कोरोना का इलाज कर रहे सरकारी अस्पतालों व कोविड केयर सेंटर में विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।