राज्य ब्यूरो, पटना : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शनिवार को 26 वर्षीय राजस्व पदाधिकारी राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है। राहुल गया के अतरी थाना अंतर्गत चिरियावां का रहने वाला है और वर्तमान में अररिया के भरगामा अंचल में पदस्थापित है। ईओयू की एसआइटी ने अररिया के रानीगंज स्थित भरगामा मोड़ स्थित आवास पर छापेमारी कर दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

जांच टीम के अनुसार, राहुल की प्रतियोगिता परीक्षाओं में सेटिंग करने वाले अभियुक्तों एवं संदिग्धों से सांठ-गांठ के साक्ष्य मिले हैं। राहुल पेपर लीक के मुख्य सरगना आनंद गौरव उर्फ पिंटू यादव के लगातार संपर्क में था। राहुल के द्वारा परीक्षा की तारीख से पूर्व और परीक्षा के दिन भी कई बार प्रश्नपत्र की मांग पिंटू से की गई थी। कांड के एक अन्य अभियुक्त संजय कुमार से भी घटना के दिन और उससे पहले कई बार राहुल की बातचीत हुई थी। 

खुद भी था परीक्षार्थी, परीक्षा से पहले ही मिल गया था प्रश्न-पत्र और उत्तर

जांच टीम के अनुसार, राजस्व पदाधिकारी राहुल कुमार खुद बीपीएससी 67वीं की परीक्षा दे रहा था। उसका केंद्र सिवान में था। बीपीएससी परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न-पत्र और उत्तर भी उसके पास पहुंच गया था। प्रश्न-पत्र और उत्तर के बदले रैकेट से जुड़े अभियुक्तों को भुगतान किए जाने की जानकारी भी जांच टीम को मिली है। दूसरे लोगों तक प्रश्न-पत्र और उत्तर पहुंचाने में उसकी भूमिका की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बीपीएससी 64वीं में उत्तीर्ण होने के बाद उसे राजस्व पदाधिकारी का पद मिला था। छह महीने पहले ही उसने अररिया में योगदान किया था। इस बार रैंकिंग सुधारने और बेहतर पद पाने के लिए वह फिर से परीक्षा दे रहा था। 

अब तक दस की हो चुकी है गिरफ्तारी 

बीपीएससी पेपर लीक मामले में ईओयू की टीम अभी तक दस लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। राजस्व पदाधिकारी राहुल कुमार से पहले बड़हरा के बीडीओ जयवद्र्धन गुप्ता, कुंवर सिंह कालेज के प्राचार्य डा. योगेंद्र प्रसाद सिंह, कालेज प्रोफेसर सुनील कुमार सिंह, सहायक केंद्राधीक्षक अगम कुमार सहाय, कृषि विभाग के सहायक राजेश कुमार, निशिकांत कुमार राय, कृष्ण मोहन सिंह, सुधीर कुमार सिंह और अमित कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने कांड संख्या 20/2022 दर्ज कर सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी, पद का दुरुपयोग, आइटी एक्ट तथा बिहार परीक्षा नियंत्रण अधिनियम 1981 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित बनाया है।

Edited By: Vyas Chandra