'भाभी डायन है' से 'दमदार किरदारों' तक, नई नवेली और सिनेमा पर यामी गौतम ने पटना में खोले कई राज
यामी गौतम ने पटना में जागरण फिल्म उत्सव के दौरान अपनी आगामी फिल्म 'नई नवेली' और सिनेमा में महिलाओं के ...और पढ़ें

यामी गौतम
HighLights
यामी गौतम ने पटना में जागरण फिल्म उत्सव में शिरकत की।
उन्होंने अपनी आगामी फिल्म 'नई नवेली' के बारे में जानकारी दी।
सिनेमा में महिलाओं के बदलते प्रतिनिधित्व पर अपने विचार साझा किए।
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में जागरण फिल्म उत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री यामी गौतम धर ने सिनेमा में बदलते किरदारों और महिला कलाकारों की भूमिका पर खुलकर बात की। पीएंडएम माल के सिनेपोलिस में सिने प्रेमियों से रूबरू हुईं यामी ने कहा कि अब फिल्मों में किसी अभिनेत्री के लिए कोई तय फॉर्मेट नहीं रह गया है। दर्शक अब सिर्फ चेहरा नहीं, बल्कि मजबूत कहानी और दमदार किरदार देखना चाहते हैं। इसी सोच के साथ वह अपनी फिल्मों का चुनाव करती हैं।
‘नई नवेली’ में मोहिनी के किरदार का दिखेगा अलग रंग
यामी ने अपनी आगामी फिल्म ‘नई नवेली’ के बारे में भी दर्शकों को जानकारी दी। फिल्म में वह मोहिनी नाम की नई बहू की भूमिका निभा रही हैं।
शुरुआत में मोहिनी एक समझदार और सलीकेदार बहू के तौर पर परिवार में आती है, लेकिन कहानी आगे बढ़ते ही उसके आसपास रहस्य गहराने लगता है। ट्रेलर में ‘भाभी डायन है’ की चर्चा के साथ फिल्म की कहानी फैंटेसी और रहस्य की ओर मुड़ती दिखाई देती है।
परिवार के बीच छिपा है मोहिनी का बड़ा राज
‘नई नवेली’ की कहानी मेरठ के अवस्थी परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। घर में नई बहू की एंट्री के साथ रिश्तों और पारिवारिक नोकझोंक का सिलसिला शुरू होता है।
इसके बाद कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं, जो परिवार को मोहिनी की असलियत पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर देती हैं। फिल्म में कॉमेडी, फैंटेसी, रहस्य और एक्शन को एक साथ पिरोया गया है।
महिलाओं के किरदारों में नहीं होना चाहिए तय फॉर्मेट
सिनेमा में महिलाओं के बदलते प्रतिनिधित्व पर यामी ने कहा कि अब यह जरूरी है कि फिल्में समय के साथ बदलें। किसी अभिनेत्री या हीरोइन के लिए यह तय नहीं होना चाहिए कि उसे कैसी दिखना है या किस तरह की फिल्म करनी है।
उनके मुताबिक किरदारों में कुछ कहने को होना चाहिए। दर्शक भी अब ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिनमें मजबूत और प्रभावी किरदार हों।
मां बनने के बाद परिवार का सहयोग बताया जरूरी
कामकाजी महिलाओं और माताओं की जिम्मेदारियों पर बात करते हुए यामी ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने समय को सिर्फ बांटती नहीं, बल्कि उसे कई गुना करने की कोशिश करती हैं।
उन्होंने बताया कि एक नई मां के तौर पर परिवार का सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पटना में काम कर पाने के पीछे उन्होंने अपनी मां और पति आदित्य के सहयोग को अहम बताया।
हर फिल्म को पहली फिल्म की तरह शुरू करती हूं
अपने अभिनय और तैयारी के बारे में यामी ने कहा कि हर नई फिल्म उनके लिए एक नई चुनौती होती है। शूटिंग शुरू करते समय उन्हें आज भी स्कूल के पहले दिन जैसा उत्साह और घबराहट महसूस होती है।
‘आर्टिकल 370’ को मिली सफलता को पीछे छोड़कर वह हर नए प्रोजेक्ट के साथ नई ऊर्जा से काम शुरू करती हैं। उनका मानना है कि बार-बार रीटेक करने से अभिनय में सहजता कम होकर वह मैकेनिकल हो सकता है।
किरदार निभाने से पहले होमवर्क जरूरी
यामी ने नए कलाकारों को सलाह देते हुए कहा कि किसी किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए स्क्रिप्ट को बार-बार पढ़ना चाहिए। उनके अनुसार हर बार स्क्रिप्ट पढ़ने पर कुछ नया समझ आता है।
किसी भी किरदार को निभाने से पहले की गई तैयारी कलाकार के काम आती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अभिनेता के लिए बेहतर करने की संभावना कभी खत्म नहीं होती।
पटना में लिट्टी-चोखा का इंतजार
पटना पहुंचीं यामी ने यहां के खान-पान को लेकर भी अपनी पसंद साझा की। उन्होंने खुद को सिंपल और देसी इंसान बताते हुए कहा कि उन्हें खाने में बहुत ज्यादा प्रयोग करना पसंद नहीं है।
पहाड़ी, पंजाबी और कश्मीरी खाना खाकर बड़ी हुई यामी ने मलयाली खाने के साथ पापड़म का स्वाद भी हाल में लिया। पटना आने के बाद अब उन्हें यहां के मशहूर लिट्टी-चोखा का इंतजार है।
16 अक्टूबर को रिलीज होगी ‘नई नवेली’
जागरण फिल्म उत्सव में ‘नई नवेली’ का ट्रेलर भी दर्शकों को दिखाया गया। ट्रेलर में कॉमेडी के साथ फैंटेसी और रहस्य का मेल देखने को मिला।
फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है, जबकि कहानी हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा इसके निर्माता हैं।
फिल्म में यामी गौतम के साथ आदिनाथ कोठारे, सुनीता राजवार और मीता वशिष्ठ भी नजर आएंगे। ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
