पटना, जागरण टीम। Career in Ethical Hacking: जमाना डिजिटल का हो चुका है। अब एक मोबाइल से ही पूरी दुनिया हाथों में समा जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया जितनी आसान हुई है, उतना ही सावधानी की जरूरत है। वर्तमान में हो रहे तरह-तरह के साइबर वार के कारण एक पल में हमारी पूरी सूचनाएं लीक हो जा रही हैं। चाहे बैंक खाते से राशि गायब होना या फिर इंटरनेट मीडिया का हैक हो जाना। नए दौर की नई समस्‍याओं का इलाज है एथिकल हैकिंग। आप अक्‍सर फिल्‍मों और टीवी सीरियलों में पुलिस को देखते होंगे कि वे एक साइबर एक्‍सपर्ट के जरिए किसी अपराधी तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों की जरूरत केवल पुलिस को नहीं पड़ती, बल्कि कई बड़ी कंपनियां अपनी सुरक्षा के लिए भी उन्‍हें हायर करती हैं। एथिकल हैकर्स के पास स्‍वरोजगार के लिए भी काफी संभावनाएं हैं।

600 घंटे का है पूरा कोर्स

खास बात यह है कि इसके लिए जरूरी कोर्स आप पटना में ही केंद्र सरकार के संस्‍थान से कर सकते हैं। केंद्र सरकार के प्रमुख संस्थान सी-डैक (सेंटर फार डेवलपमेंट आफ एडवांस कंप्यूटिंग) की ओर से इस महीने विभिन्न स्कूल, कालेज, प्रबंधन संस्थान, आइआइटी, एनआइटी संस्थानों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सी-डैक की ओर से 600 घंटे का एथिकल हैकिंग का कोर्स भी तैयार किया गया है। इस कोर्स का नामाकरण डिप्लोमा इन एथिकल हैकिंग एंड साइबर सिक्योरिटी किया गया है। 

40 घंटे का प्रोजेक्‍ट वर्क भी होगा शामिल

सी-डैक पटना के निदेशक आदित्य कुमार सिन्हा ने बताया कि इस कोर्स में साइबर सुरक्षा, आइओटी सिक्योरिटी, ब्राउज सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, वीएपीटी के बारे में बताया जाएगा। इसके अतिरिक्त 40 घंटे की प्रोजेक्ट वर्क भी होंगे। इस पाठ्यक्रम में सफल छात्रों को प्लेसमेंट आफर भी किया जाएगा। इस कोर्स के बाद अभ्यर्थी नेटवर्क सिक्योरिटी प्रोफेसनल, वेब सिक्योरिटी टेस्टर, सिक्योरिटी एनालिस्ट, सिक्योरिटी इंजीनियर और पैन टेस्टर बन सकते हैं। इस कोर्स के लिए किसी भी संकाय में स्नातक 55 फीसद से पास अभ्यर्थियों को इंट्रेंस टेस्ट में सफल होने के बाद नामांकन किया जाएगा।