पटना, जेएनएन। आरा सदर अस्पताल में वीडियो कांन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए हाजिरी नहीं बनाने के मामले में हुई डॉक्टरों की पिटाई का विरोध आज राजधानी पर मिला जुला रहा। गुरुवार को जहां बड़े अस्पतालों में ओपीडी चला तो छोटे हॉस्पिटलों में प्राथमिक इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निराश लौटना पड़ा। वहीं सभी अस्पतालों में इमेरजेंसी सेवा जारी रही।
पीएमसीएच, आइजीआइएमएस एवं एम्स में हो रहा इलाज
भासा एवं आइएमए के आह्वान के बावजूद गुरुवार को पीएमसीएच, आइजीआइएमएस एवं एम्स के ओपीडी में मरीजों का इलाज किया गया। मरीज सुबह से ही इन अस्पतालों में अपना इलाज कराते रहे। वहीं राजधानी के न्यू गार्डिनर एवं राजवंशीनगर अस्पताल डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज प्रभावित रहे।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द की आरा डीएम पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस संबंध में बुधवार को बिहार स्वास्थ्य सेवा संगठन (भासा) और आइएमए की संयुक्त बैठक हुई थी। इसमें डाक्टरों से हुई मारपीट का विरोध जताय गया। बैठक के बाद गुरुवार को भी ओपीडी न खोलने का निर्णय लिया गया था। आज दोबारा बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।
सुबह से ही जुट गई थी भीड़
बुधवार को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में बुधवार को ओपीडी में दिखाने के लिए सुबह छह बजे से ही मरीजों की लाइन लग गई थी। यहां पर सामान्य दिनों की तरह ओपीडी में 1980 मरीजों का इलाज किया गया। इमरजेंसी में 485 मरीजों को देखा गया। पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद का कहना है कि सूबे के कोने-कोने से आने वाले मरीजों का पूर्व की भांति इलाज किया गया। यहां पर काफी संख्या में मरीज राजधानी एवं शहर के बाहर से भी आए। इन मरीजों का इलाज किया गया।
मरीजों को हो रही खासी परेशानी
 शहर के आयकर गोलंबर के पास स्थित न्यू गार्डिनर अस्पताल में ओपीडी प्रभावित हुई। यहां पर 50 फीसद ही मरीजों का इलाज किया गया। यहां पर सामान्यत: 600 से 700 मरीजों का इलाज किया जाता है। बुधवार को लगभग 300 मरीजों का इलाज किया गया। अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार ओपीडी बंद  रहने के कारण मरीजों को थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया। राजवंशीनगर अस्पताल में भी बंद का असर दिखा। यहां पर ओपीडी लगभग ठप रहा लेकिन इमरजेंसी में इलाज जारी रहा। यहां पर अधिकांश मरीजों का इलाज इमरजेंसी में किया गया। इमरजेंसी में बैठे डॉ. सरसीज ने कहा कि राज्य के कोने-कोने से आने वाले गंभीर मरीजों को लौटना ठीक नहीं, इसलिए सभी मरीजों को इमरजेंसी में ही देखने का प्रयास किया जा रहा है।
आरोप, डीएम के आदेश पर हुई पिटाई
डॉक्टरों का आरोप है कि मारपीट डीएम के आदेश पर की गई है। विदित हो कि आरा में डीएम ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों को वीसी से हाजिरी लगाने का आदेश दिया था। मंगलवार को दो बजे के बाद इमरजेंसी वार्ड में दूसरी शिफ्ट चल रही थी। भासा के संयुक्त सचिव डॉ. अंसारी ड्यूटी पर थे। उन्हें भी हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया, लेकिन मरीजों का हवाला देकर उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद डीएम के अंगरक्षक इमरजेंसी कक्ष पहुंचे और डॉ. अंसारी का हाथ पकड़ उन्हें गाड़ी में बिठाने लगे। यह देख अन्य चिकित्सक भड़क गए। नोकझोंक के बाद डॉ. अंसारी दो अन्य डॉक्टरों के साथ अपनी कार से डीएम आवास गए। भासा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार व सचिव डॉ. नरेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि डीएम आवास में कार्यालय के बाहर वे के नेताओं को मोबाइल पर मामले की जानकारी दे रहे थे। इसी बीच सिपाही मोबाइल छीनते हुए उन्हें पीटने लगे। जबकि डीएम डॉ. संजीव कुमार मारपीट की घटना से इन्कार कर रहे हैं।

Posted By: Akshay Pandey

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