रेल पुलिस की हाजत से फरार बदमाश चार घंटे बाद गिरफ्तार

पटना बाढ़। पटना-किऊल सवारी गाड़ी में लूटपाट करने वाले चार बदमाशों को रेल पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार करने के बाद बाढ़ स्टेशन पर रेल पुलिस पोस्ट में रखा था। मौका देखकर दो बदमाश अल सुबह हथकड़ी समेत पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए। जब इसकी जानकारी पुलिसकर्मियों को हुई तो उनके होश उड़ गए। हरकत में आई पुलिस ने चार घंटे बाद छापेमारी कर पंडारक पुलिस ने छपेरातर गाव के समीप रेल ट्रैक के पास से बदमाश रवि कुमार और रूपेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। सभी बदमाश भगलपुर के सुल्तानगंज थाना के आदर्श नगर कॉलनी के निवासी हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार की देर रात चार लुटेरों ने पटना-किऊल पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट की थी। घटना को अंजाम देकर सभी बदमाश पंडारक स्टेशन के समीप उतरकर फरार हो गए थे। यात्रियों ने मोकामा स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने बाढ़ रेलवे स्टेशन के चार नंबर प्लेटफॉर्म के पूर्वी छोर से यात्रियों से लूटे गए सामान के साथ बदमाश रवि कुमार, रूपेश कुमार, रानू कुमार और राहुल कुमार को गिरफ्तार किया था। बाढ़ जीआरपी में हाजत नहीं होने के कारण सभी लुटेरों को बाढ़ रेल पुलिस पोस्ट में रखा गया था। सोमवार की अल सुबह पुलिसकर्मियों के झपकी लेने पर बदमाश रवि कुमार और रूपेश कुमार हथकड़ी लगे रस्से को काटकर फरार हो गए। सुपारी लेकर एक युवक की बदमाशों ने की थी हत्या गिरफ्तार लुटेरे रवि कुमार, रूपेश कुमार, रानू कुमार और राहुल कुमार के बारे में पुलिस ने जब सुल्तानगंज़ रेल पुलिस से जानकारी ली तो पता चला कि चारों बदमाश के विरुद्ध दर्जनभर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बदमाशों ने कुछ माह पूर्व एक युवक की एक-एक कर 11 गोली मारकर हत्या कर दी थी। लुटेरों का आपराधिक इतिहास जानने के बाद भी नहीं सचेत हुए पुलिसकर्मी लुटेरों का आपराधिक इतिहास जानने के बाद भी पुलिस सचेत नहीं हुई और उन्हें बाढ़ स्टेशन पर बने पुलिस पोस्ट कार्यालय में रखा गया। ड्यूटी पर तैनात जवान की सुबह आंख झपकी और लुटेरे हथकड़ी लगे रस्सी काटकर फरार हो गए। जवान को न तो रस्सी काटने का पता चला और न भागने का। रस्सी कटते ही रूपेश और रवि फरार हो गए, रानू और राहुल को रस्सी काटने में सफल नहीं रहे। बदमाशों को नहीं थी रास्ते की जानकारी बदमाश हथकड़ी लगे रस्सी काटकर पुलिस पोस्ट से निकल तो गए, लेकिन उन्हें आगे के रास्ते के बारे में जानकारी नहीं थी। इस कारण रवि और रूपेश ने रेल ट्रैक पकड़कर पंडारक थाना के छपेरातर गांव पहुंच गए। सुबह जब पुलिसकर्मियों को जानकारी हुई तो अधिकारियों ने इसकी सूचना अनुमंडल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अनुमंडल से बाहर निकलने वाली सीमा को सील कर दिया गया। बदमाश 12 किलोमीटर की दूरी तय कर पंडारक के छपेरातर के पास पहुंच गए। बदमाशों के फरार होने के बाद हरकत में आई पंडारक पुलिस की एक टीम सड़क पर वाहनों की जांच में जुटी थी, जबकि थानाध्यक्ष रमण कुमार सादे लिबास में रेल ट्रैक पकड़कर कर बाढ़ स्टेशन की ओर बढ़ने लगे। कुछ दूरी पर दो संदिग्ध युवकों पर नजर पड़ी। थानाध्यक्ष को देखकर एक बदमाश झाड़ी में छिप गया। जबकि दूसरा रेलवे ट्रैक पर ही रुक गया। थानाध्यक्ष ने उम्र, रंग और कपड़े के आधार पर पहचान की और एक बदमाश को दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने के बाद उसकी निशानदेही पर झाड़ी में छिपे दूसरे बदमाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया। संवेदनशील होने के बाद भी थाना नहीं बन सका रेल ओपी दानापुर-मोकामा रेलखंड पर स्थित बाढ़ स्टेशन का इलाका काफी संवेदनशील है। अक्सर इस क्षेत्र में ट्रेन में लूटपाट, पत्थरबाजी आदि की घटना को अंजाम देकर बदमाश फरार हो जाते हैं। इसके बाद भी पुलिस पोस्ट को रेल थाना का दर्जा नहीं मिला। महज दो कमरे में पुलिस पोस्ट संचालित किया जा रहा है। एक कमरे में कार्यालय चलता है, जबकि दूसरे कमरे में सुरक्षाकर्मी रहते हैं।

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