पटना, जेएनएन। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देशभर के बैंककर्मी आठ जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि स्टेट बैंक और निजी बैंकों के स्टाफ एसोसिएशन ने खुद को हड़ताल से अलग रखा है। दूसरी तरफ ग्रामीण बैंक हड़ताल में शामिल होंगे। इस हड़ताल में कई बैंकों के संगठन हिस्सा ले रहे हैं। 

बिहार प्रोविंशियल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के उप महासचिव संजय तिवारी ने बताया कि देशभर के बैंककर्मियों ने राष्ट्रीय हड़ताल पर जाने की तैयारी कर ली है। हड़ताल का मुख्य कारण बैंकिंग सुधार के नाम पर बैंकों के विलय का विरोध है।

इसके अलावा उनका संघ वेतन पुनरीक्षण एवं संबंधित मुद्दों को शीघ्र लागू करने, बैंकों में पर्याप्त स्टाफ की बहाली करने, बैंकों के एनपीए ऋणों की सख्ती से वसूली करने जैसी मांगें कर रहा है। देशभर के ग्रामीण बैंकों के साथ-साथ उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के आठ हजार कर्मी भी आठ जनवरी की हड़ताल में शामिल होंगे।

ऑल इंडिया ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि ग्रामीण बैंक की 34 फीसद पूंजी के विनिवेश के प्रस्ताव का विरोध तथा पर्याप्त पूंजीगत सहयोग की मांग है। बता दें कि श्रम विरोधी नीति के आरोप में केंद्रीय श्रमिक संगठन ने आठ जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। इस एकदिवसीय बैंक हड़ताल में विभिन्न बैंक संगठन एआइबीइए, एआइबीओए, बैपफी, इन्बैपफ, इन्बौक के सदस्य शामिल हैं।

बैंककर्मियों की मुख्य मांगें

- बैंकिंग सुधर के नाम पर बैंकों का विलय का विरोध, 

- वेतन पुनरीक्षण व संबंधित मुद्दों को शीध्र लागू करने, पर्याप्त भर्ती कराने 

- बैंकों के एनपीए ऋणों की सख्ती से वसूली

 

Posted By: Kajal Kumari

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