पटना सिटी : तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब के मुख्य ग्रंथी रहे भाई राजेंद्र सिंह की मौत को लेकर गुरुद्वारा की सियासत गरमाने लगी है। दो खेमे में बंटे गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के विपक्षी गुट ने गुरुवार को तख्त साहिब परिसर में संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर दूसरे गुट के लोगों को आड़े हाथों लिया।

विपक्ष के साथ खड़े मुख्य ग्रंथी के मंझले पुत्र दया सिंह ने सीधे तौर पर पिता की हत्या का आरोप प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी पर लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्य ग्रंथी के पद को लेकर चल रही सियासत और साजिश के शिकार हो गए पिताजी। निष्पक्ष जांच कर साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग उन्होंने पुलिस अधिकारी से की है।

हालांकि मुख्य ग्रंथी भाई राजेंद्र सिंह की पीएमसीएच में 17 जनवरी की सुबह मौत होने के बाद पुलिस को दिए लिखित बयान में बड़े पुत्र रंजीत सिंह ने आवेदन में न तो मुख्य ग्रंथी की हत्या किए जाने का जिक्र किया है और न ही किसी पर आरोप लगाया है। इधर, चौक थाना अध्यक्ष गौरीशंकर गुप्ता ने कहा कि मुख्य ग्रंथी अपने ही कमरे में 13 जनवरी को जख्मी हालत में मिले थे। उनकी गर्दन जख्मी थी। इससे जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। वैज्ञानिक विधि से जांच कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य व पूर्व महासचिव महेंद्र पाल सिंह ढिल्लन, सरदार राजा सिंह, सरदार हरपाल सिंह जौहल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्य ग्रंथी का पद आजीवन के लिए होता है, लेकिन भाई राजेंद्र सिंह को इस पद से हटाने के लिए प्रबंधक कमेटी द्वारा कई प्रयास किया गया। उन्हें मानसीक तनाव दिया गया। इनका कहना है कि मुख्य ग्रंथी को रास्ते से हटाने के लिए उनकी हत्या कर दी गई। इनकी जगह किसी दूसरे को मुख्य ग्रंथी बनाने की साजिश चल रही थी।

Edited By: Jagran