New Rail Bridge Bihar: बागमती पर नया रेल पुल बनेगा, पूर्वी चंपारण, शिवहर व सीतामढ़ी के लिए बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में बागमती नदी पर शिवहर में एक नया हाई-लेवल रेल पुल बन रहा है। यह पुल पूर्वी चंपारण, शिवहर ...और पढ़ें

बागमती पर नया रेल पुल बनेगा
HighLights
बागमती नदी पर शिवहर में नया हाई-लेवल रेल पुल।
पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी को मिलेगी मजबूत रेल कनेक्टिविटी।
5 लाख लोगों को लाभ, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में बागमती नदी पर एक नया हाई-लेवल रेलवे पुल बनने जा रहा है, जो राज्य के पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों को मजबूत रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। यह परियोजना एक बहुप्रतीक्षित रेलखण्ड का हिस्सा है, जिसका मकसद क्षेत्र की कनेक्टिविटी, आर्थिक गतिविधियों और आम जनता की सुविधा को और बेहतर बनाना है।
रेलवे विभाग ने सीतामढ़ी-शिवहर-मोतिहारी रेलखंड के अंतर्गत शिवहर में बागमती नदी पर 61 मीटर लंबे और करीब 9 मीटर चौड़े हाई लेवल पुल का निर्माण करने का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। यह पुल दो ट्रैक के लिए बनाया जाएगा और इसे इस रेलखंड का सबसे बड़ा पुल बताया गया है। परियोजना पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह नया रेलखंड सीतामढ़ी से शुरू होकर शिवहर तक और वहां से मोतिहारी तक विस्तृत होगा। इस रेल लाइन के बनने से यह क्षेत्र रेल नेटवर्क में पहले से कहीं अधिक मजबूती से जुड़ जाएगा और यात्रियों तथा माल ढुलाई के रास्ते सुगम होंगे। परियोजना के पहले चरण में सीतामढ़ी से शिवहर तक लगभग 28 किलोमीटर और उसके बाद शिवहर से मोतिहारी तक करीब 51 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जाएगी।
स्थानीय लोगों को सीधा फायदा
शिवहर स्टेशन से मीनापुर प्रखंड सहित आसपास के कई पंचायतों, जैसे सिवाईपट्टी, तुर्की, बेलहिया लच्छी, चतुरसी और बनघारा, की करीब पांच लाख से अधिक आबादी को इस रेल नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा।
ये लोग अब रेल मार्ग से आसानी से यात्रा कर सकेंगे और उनके लिए बड़े शहरों तक पहुंचना भी सरल होगा। वर्तमान में इन इलाकों से मुख्य रेल स्टेशनों की दूरी लगभग 10–12 किलोमीटर अधिक है, जो इस पुल से काफी कम हो जाएगी।
रेल पुल के निर्माण से न सिर्फ यात्री सुविधा में सुधार होगा बल्कि स्थानीय बाजारों, कृषि उत्पादकों और व्यापार में भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
रेल सुविधा के विस्तार से यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। विदित हो कि यह परियोजना अब तक की अनुमानित लागत 926 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसमें भूमि अधिग्रहण और सर्वे काम में काफी प्रगति हो चुकी है।
रेल परियोजनाओं का विस्तार बिहार में व्यापक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि इन क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास को भी बल मिलेगा।
रेल नेटवर्क विस्तार से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सस्ती यात्रा के अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की समग्र प्रगति को बल मिलेगा।
यह पुल निर्माण के साथ-साथ पूरे सीतामढ़ी–शिवहर–मोतिहारी रेलखंड का विस्तार बिहार के रोड और रेल कनेक्टिविटी मानचित्र में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है।
इसके पूरा होने के बाद यहां के युवाओं, व्यवसायियों और यात्रियों को बेहतर अवसरों के साथ-साथ जवाबदेह और सुरक्षित रेल सेवा का लाभ मिलेगा।
