प्रशांत सिंह, पटना । आजादी के अमृत वर्ष के मौके पर राज्य भर में 679 सरोवरों के किनारे सोमवार को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ध्वजारोहण किया जाएगा। राष्ट्रध्वज फहराने का सम्मान सरोवर वाले गांव के स्वतंत्रता सेनानी या उनके स्वजन को दिया जाएगा। गांव में स्वतंत्रता सेनानी नहीं हैं, तो उस गांव के बुजुर्ग को ध्वजारोहण का जिम्मा सौंपा जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों के साथ मनरेगा कर्मी व पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। सभी लोग जल संरक्षण और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेंगे।   

केंद्र सरकार की अमृत सरोवर योजना के तहत राज्य के सभी जिले में 75 तालाब चिह्नित किए गए हैं। राज्य में चरणवार 2850 तालाब विकसित किए जाने हैं। इनमें से स्वंतत्रता दिवस की पूर्व संध्या तक राज्य में 679 अमृत सरोवर तैयार कर लिए गए हैं। तालाब किनारे ध्वजारोहण के लिए तीन गोल घेरे में चबूतरे का निर्माण कर तिरंगे में मौजूद तीन रंगों से रंग दिया गया है। औसतन हर जिले में 15 तालाबों का चयन ध्वजारोहण के लिए किया गया है। हालांकि कई जिलों में इस संख्या से अधिक अपूर्ण तालाबों के किनारे भी ध्वजारोहण की व्यवस्था की गई है। वैशाली में सर्वाधिक 48, बेगूसराय में 47, दरभंगा व बक्सर में 38-38 व कैमूर में 21 तालाबों के किनारे ध्वजारोहण होंगे। इसके पीछे उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।

  • आजादी के अमृत महोत्सव में शुरू हो रही परंपरा, आमजन जल संरक्षण व स्वच्छता का लेंगे संकल्प
  • सरोवर किनारे राष्ट्रध्वज के नीचे जीवंत हो उठेगा चार गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान
  •  याद किए जाएंगे कटिहार के धुरव कुंडु, सीतामढ़ी रामप्रताप यादव व ठाकुर जुगल किशोर सिंह और कैमूर के सुकालू लोहार

पांच बलिदानियों को नमन कर फहरेगा तिरंगा

ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के पांच बलिदानियों के गांव व जिले में उनके नाम पर सबसे पहले अमृत सरोवर का निर्माण कराया है। इन बलिदानियों में चार अब तक गुमनाम थे। इनके गांवों व जिलों में राष्ट्रध्वज फहराने की विशेष तैयारी है। इनमें भोजपुर जिले के वीर कुंवर सिंह का गांव जगदीशपुर, कटिहार के धुरव कुंडु, सीतामढ़ी जिले के रामप्रताप यादव का गांव डुमरा प्रखंड का भासर, सीतामढ़ी जिले के ही ठाकुर जुगल किशोर सिंह का गांव मेजरगंज प्रखंड का डुमरीकला तथा कैमूर जिले के रामस्वरूप मिस्त्री उर्फ सुकालू लोहार का गांव चांद प्रखंड का सिहोरिया शामिल है। कटिहार के धुरव कुंडु के बलिदान के बाद स्वजन कोलकाता में बस गए। आज उनकी पांचवीं पीढ़ी वहां रह रही है। कटिहार में उनकी कोई निशानी मौजूद नहीं है।

इस कारण जिला प्रशासन ने तैयार हो चुके सभी 17 अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण के पहले स्वतंत्रता सेनानी धुरव कुंडु को नमन करने की व्यवस्था की है। ताकि जिलेवासी देश की स्वाधीनता में उनके बलिदान के बारे में जानकर गौरव कर सकें। इसी तरह कैमूर जिले में स्वतंत्रता सेनानी सुकालू लोहार के गांव सिहोरिया में अमृत सरोवर का निर्माण नहीं कराया जा सका है। अलबत्ता चांद प्रखंड के तीन अलग-अलग गांवों में बने तीन अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण होना है, जहां सुकालू लोहार को नमन कर देश के प्रति उनके योगदान व बलिदान की चर्चा की जाएगी। 

Edited By: Rahul Kumar