फुलवारीशरीफ। रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर गांव में गुरुवार को औषधि विभाग की छापेमारी में करीब सात लाख रुपये की नकली आयुर्वेदिक दवाएं बरामद हुई हैं, जिन्हें एलोपैथिक (अंग्रेजी) दवाओं के मिश्रण से तैयार किया गया था। नकली दवाओं के इस धंधे को पेशे से वकील वाल्मीकि प्रसाद लंबे अर्से से अंजाम दे रहा था। अधिकारियों ने उसके खिलाफ रामकृष्ण नगर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। छापेमारी के समय से वह फरार है।

मालूम हो कि गुरुवार देर शाम औषधि विभाग ने बाईपास क्षेत्र में जकरियापुर गांव के एक मकान में छापा मारा था। सूचना मिली थी कि वहां नकली आयुर्वेदिक दवाएं बनाई जाती हैं। रात हो जाने के कारण उस समय कमरा सील कर दिया गया था। दूसरे दिन सुबह फिर छापेमारी हुई तो पता लगा कि अंग्रेजी दवा डायक्लोफेन को खरीद कर यहां लाया जाता है और उसका पाउडर बना नकली आयुर्वेदिक दवा सिकंदर-ए-आजम, गैसोलीन, रामबाण, पेननिल प्वाइंट पेनकिलर सहित मर्दाना शक्ति की एक दर्जन दवाएं तैयार की जाती हैं। फिर उसे अच्छे डिब्बे में पैक कर बाजार में ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। धंधे को चलाने वाला वाल्मीकि प्रसाद नाला रोड का रहने वाला है। उसने ऐसे स्थान पर किराए पर मकान लिया था, जहां किसी को शक न हो सके। यह क्षेत्र रिहायशी होने के कारण कभी किसी को शक नहीं हुआ। छापेमारी की भनक लगने के कारण मुख्य धंधेबाज तो हत्थे नहीं चढ़ा, लेकिन उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मौके से बरामद सभी दवाएं जब्त कर ली गई हैं। जिस कमरे में दवा बनाई जाती थी, उसे सील कर दिया गया है। वहीं, वाल्मीकि प्रसाद का कहना है कि वह पेशे से वकील हैं। उनके नाम से कोई एग्रीमेंट भी नहीं है। ड्रग विभाग के अधिकारियों ने गलत तरीके से फंसा दिया है। निष्पक्ष जांच हो तो सच्चाई सामने आ सकती है।

Posted By: Jagran

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