पटना, जेएनएन। अयोध्या में भूमि-पूजन पर सीतामढ़ी और राजधानी पटना सहित पूरा बिहार राममय रहा। भजन-कीर्तन, हवन-पूजन और प्रसाद-मिष्ठान्न वितरण से चहुंओर उत्सवी माहौल रहा। राम-जानकी और हनुमत लला के मंदिरों में तो बुधवार की छटा देखते बन रही थी। यत्र-तत्र शोभायात्राएं निकाली गईं। विश्व ङ्क्षहदू परिषद की ओर से पांच सौ मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन था। संघ परिवार और भाजपा के साथ जन-जन में उत्साह का संचार होता रहा। एक स्वर में सभी ने भूमि-पूजन को सदियों के संताप का शमन बताया।

दोपहर में सड़कों पर सन्नाटे-सी स्थिति रही। आवागमन काफी कम हुआ, क्योंकि लोग या तो धार्मिक अनुष्ठान में जुट गए या फिर टीवी पर भूमि-पूजन समारोह का प्रसारण देखते रहे। बाजार में महावीरी पताके खूब बिके। अभिवादन में भी लोग राम-राम करते रहे। गली-कूचे में राम-जानकी के गीत गूंजते रहे, जबकि मंदिरों में रामधुन और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। जगत जननी जानकी की जन्मस्थली व राम की ससुराल सीतामढ़ी जय सियाराम, जय जानकी के उद्घोष से गुंजायमान रहा। रजतद्वार जानकी मंदिर और पुनौराधाम जानकी मंदिर की विशेष सजावट की गई थी। पंथपाकड़ स्थित सीता मंदिर में भजन-कीर्तन से श्रद्धा-भक्ति की सरिता बहती रही। पूरा शहर भगवा ध्वज से पटा रहा। घरों के बाहर निकलकर श्रद्धालु घंट-घडिय़ाल और थाली बजा रहे थे। शाम होते ही सवा लाख दीपमालाओं से पूरा शहर जगमगा उठा। राज्य के मठ-मंदिरों के साथ ही घरों में भी अनुपम तैयारी दिखी। कई घरों में भी फूलों से सजावट हुई और रंगोली बनाई गई। झांकी सजाई गई। सामथ्र्य के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए दान का संकल्प भी लिया गया। 

 

मौसम की बेरुखी के बावजूद दीपोत्सव

शाम में मौसम की बेरुखी के बावजूद दीपोत्सव का आयोजन हुआ। मंदिरों और घरों में आयोजित कार्यक्रमों में भाजपा के प्रमुख नेता भी शामिल हुए। विहिप के प्रांत सह संगठन मंत्री चितरंजन ने बताया कि केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे के आह्वान पर शाम में मठ-मंदिरों के साथ घरों में दिवाली मनाई गई। मिट्टी के दिए जलाए गए। घरों में भी असीम उल्लास का माहौल रहा। चितरंजन ने कहा कि इस दौरान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता और हिंदुत्व की अद्भुत बानगी दिखी।

 

जगह-जगह हवन-पूजन

बिहार भाजपा के नेताओं ने भी इस अवसर पर जगह-जगह हवन-पूजन का आयोजन किया। दीघा विधायक संजीव चौरसिया, बांकीपुर विधायक नितिन नवीन और कुम्हरार विधायक अरुण सिन्हा घर के अलावा विभिन्न स्थलों पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल हुए। वहीं, पार्टी सांसद और पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को भूमि-पूजन की शुभकामनाएं दीं। 

 

सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे रामभक्त

रामभक्त सोशल मीडिया पर भी सक्रिय दिखे। फेसबुक, वाट्सएप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर इस ऐतिहासिक अवसर को साझा करने और बधाई देने की होड़ दिखी। राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर ने ट्वीट कर कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। पांच सौ वर्षों की इंतजार की घड़ी आज खत्म हुई। हम भाग्यशाली और सौभाग्यशाली हैं कि इस क्षण के साक्षी बनें। केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने बाकायदा घर में झांकी सजाकर परिवार के सदस्यों के साथ पूजा-अर्चना की। नंद किशोर यादव और आरके सिन्हा ने कहा है कि बुधवार को एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। पीढिय़ों से जिस मुहूर्त का इंतजार था, वह साकार हो गया।

Posted By: Akshay Pandey

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