पटना । मनेर निवासी पॉलीटेक्निक छात्र समीर सागर (22) के मर्डर मामले में पुलिस ने ऑटो चालक चिंटू को गुरुवार को दबोच लिया। समीर की हत्या मीठापुर बस स्टैंड के पास सीआइएमपी (चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान) के पीछे गला दबाकर की गई थी। नाले में शव फेंक दिया गया था।

चालक को रामलखन पथ स्थित घर से पकड़ा गया। इस मामले में तीन आरोपित अभी फरार हैं। इनमें दो ऑटो चालक और एक बस कंडक्टर है। उनकी पहचान कर ली गई है। आरोपितों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इसकी जानकारी गुरुवार को एसएसपी मनु महाराज ने दी।

17-18 अक्टूबर की रात हुई थी घटना :

17 अक्टूबर को दोपहर ढाई बजे समीर अपने दोस्त मंटू उर्फ भूतनाथ के साथ दुर्गा पूजा का मेला देखने के लिए मनेर से पटना आया था। उसकी प्रेमिका भी मुजफ्फरपुर स्थित घर से पटना आई थी। तीनों लोग साथ में घूमे, फिर देर रात प्रेमिका को वापस घर भेजने के लिए बस पकड़वाने मीठापुर स्टैंड आए। बस साढ़े तीन बजे तड़के थी। मंटू स्टैंड में रुका था, जबकि समीर प्रेमिका के साथ सीआइएमपी के पीछे सुनसान इलाके में चला गया। थोड़ी देर बाद युवती लौटी और उसने बताया कि कुछ लोगों ने समीर की हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया। इसके बाद वह बस पकड़कर चली गई।

अगली दिन शिकायत करने पहुंची समीर की मां :

18 अक्टूबर की सुबह युवती ने समीर के पड़ोसी नवलेश को कॉल कर घटना की जानकारी दी। समीर के अभिभावकों ने मंटू से संपर्क किया तो वह टहलाता रहा। शक होने पर समीर की मां ने जक्कनपुर थाने पर पहुंचकर शिकायत की। हालांकि थाना पुलिस ने उसे डांट-फटकार कर भगा दिया। 20 अक्टूबर को नाले से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को इत्तिला दी, तब समीर का शव बरामद हुआ। समीर के घरवालों ने शक के आधार पर मंटू और समीर की प्रेमिका के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के बुलाने पर मंटू चला आया। अगली सुबह उसकी प्रेमिका को भी मुजफ्फरपुर से हिरासत में ले लिया गया।

युवती ने सुनाई थी घटना की कहानी :

हिरासत में लिए जाने के बाद युवती ने बताया कि वह समीर के साथ अंधेरे में बात कर रही थी। तभी चार-पांच लोग पहुंचे और दोनों को पीटने लगे। वे उसके साथ गलत काम करना चाह रहे थे। इस बीच उन्हीं में से दो बदमाश आए और बोले कि चलो, वह लड़का मर गया। इसके बाद सभी फरार हो गए। देखने से वे ऑटो चालक लग रहे थे। लड़की के बयान को आधार मानकर सिटी एसपी (पूर्वी) राजेंद्र कुमार भील के निर्देश पर सदर एसडीपीओ सुशांत कुमार सरोज के नेतृत्व में दारोगा चंद्रशेखर और राजेश ने ऑटो चालकों की खोज शुरू की और चिंटू को दबोच लिया। एक आरोपित के पिता को हिरासत में लेकर दबिश बनाई जा रही है।

निर्दोष साबित हुई प्रेमिका और दोस्त :

चिंटू ने पुलिस को बताया कि वह शौच के लिए जा रहा था। तभी उसके दो साथियों ने कहा कि कोने में एक लड़का-लड़की गलत काम कर रहे थे। तीनों उनके पास पहुंचे तो समीर उनसे उलझ गया। इस बीच बस कंडक्टर वहां पहुंचा और दोनों को पीटने लगा। चिंटू और एक अन्य ऑटो चालक युवती के बाल पकड़कर ले गए और ऑटो में ढकेल दिया। तब तक बस कंडक्टर ने पहुंचकर बताया कि समीर मर गया। बस कंडक्टर भी समीर के साथ नाले में गिर गया था। एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड में समीर की प्रेमिका और उसके दोस्त की संलिप्तता उजागर नहीं हुई है। उन्हें थाने से रिहा कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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