'ऑस्ट्रेलिया के लोगों को बिहार आने की सलाह दूंगा', विदेशी पर्यटकों को क्यों भा रहा बिहार?
बिहार अब सिर्फ ऐतिहासिक विरासत तक सीमित नहीं, बल्कि अपने पर्यटन स्थलों की खूबसूरती से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर ...और पढ़ें

दूसरी बार बिहार आए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक
HighLights
विदेशी पर्यटक बिहार की समृद्ध विरासत से आकर्षित हो रहे हैं।
थाईलैंड का 28 सदस्यीय दल बौद्ध स्थलों का भ्रमण किया।
ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों ने बिहार को खूबसूरत और शानदार बताया।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की पहचान अब सिर्फ इतिहास और धार्मिक विरासत तक सीमित नहीं रह गई है। राज्य के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती और समृद्ध विरासत विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है। बोधगया से लेकर राजगीर, नालंदा और वैशाली तक विदेशी सैलानियों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही किसी भी पर्यटन स्थल की संस्कृति, कला, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देती है। खासकर विदेशी पर्यटकों का आगमन पर्यटन क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा करता है।
हेली-टूरिज्म से इको-टूरिज्म तक, बदल रहा पर्यटन का अंदाज
बिहार सरकार पर्यटन नीति के तहत राज्य में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दे रही है। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
हाल में हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म की शुरुआत के साथ इको-टूरिज्म और सर्किट टूरिज्म के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख पर्यटन स्थलों के आधुनिकीकरण की कोशिशों से बिहार के पर्यटन को नई पहचान मिल रही है।
थाईलैंड के 28 सदस्यीय दल ने देखी बौद्ध विरासत
इसी क्रम में थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार पहुंचा। बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित ‘फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल, ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटेनमेंट’ पहल के तहत प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के प्रमुख पर्यटन और विरासत स्थलों का भ्रमण किया।
प्रतिनिधिमंडल की बिहार यात्रा बोधगया से शुरू हुई। इसके बाद राजगीर, नालंदा और वैशाली के बौद्ध स्थलों का दौरा किया गया। विदेशी प्रतिनिधियों के इस दौरे को बिहार की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पितृपक्ष में विदेशों से भी गया पहुंच रहे श्रद्धालु
इन दिनों गया में पितृपक्ष चल रहा है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। रूस, यूक्रेन, स्पेन समेत कई देशों से आए लोग अपने पूर्वजों की शांति और मोक्ष की कामना को लेकर पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं।
बोधगया, गया, राजगीर, नालंदा और वैशाली की धार्मिक, ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इससे बिहार में आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन की संभावनाओं को भी बल मिल रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक बोले- बिहार जरूर आइए
बिहार पहुंचे एक ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि धार्मिक दृष्टिकोण से यह बेहद पवित्र स्थान है।
उन्होंने बिहार यात्रा को अपने अब तक के सबसे अविश्वसनीय अनुभवों में से एक बताया और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के लोगों को भी बिहार आने की सलाह देंगे।
उनके अनुसार, बिहार खूबसूरत और शानदार जगह है। विदेशी पर्यटकों की ऐसी प्रतिक्रियाएं राज्य की विरासत और पर्यटन स्थलों के प्रति बढ़ती अंतरराष्ट्रीय दिलचस्पी को सामने लाती हैं।
दूसरी बार बिहार आए ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक, मखाना भी भाया
एक अन्य ऑस्ट्रेलियाई पर्यटक ने बताया कि यह बिहार की उनकी दूसरी यात्रा है। इस बार वह एक ऑस्ट्रेलियाई दोस्त के साथ निजी दौरे पर यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार बहुत पसंद है और यहां आने पर स्थानीय खाना जरूर खाते हैं।
खास तौर पर फॉक्स नट्स यानी मखाना उन्हें काफी पसंद है। उन्होंने पटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि राजधानी में घूमने के लिए कई खूबसूरत जगहें हैं। गंगा नदी के घाट पर समय बिताना भी उनके लिए एक सुंदर अनुभव रहा।
