पटना, जेएनएन। एनडीए में शामिल भाजपा-जदयू के बीच तनातनी शनिवार को भी जारी है। शनिवार को भाजपा के फायर ब्रांड नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर फिर हमला बोला है। शनिवार को उन्‍होंने भाजपा सांसद रामकृपाल की पंक्ति को टैग करते हुए ट्वीट किया, जिसमें कहा गया है कि बीजेपी नेताओं के फोन नहीं उठाते नीतीश सरकार के अधिकारी। पटना की दुर्गति के लिए अफसर कसूरवार। तो दूसरी तरफ जदयू भी गिरिराज पर लगातार हमलावर बना हुआ है। जदयू नेता ने कहा कि चुनाव के समय नीतीश के पैर पकड़ रहे थे गिरिराज और आज ट्वीट कर रहे हैं। इसके उलट भाजपा नेता गिरिराज के समर्थन में राजद उतरा है। उन्‍होंने गिरिराज के बयान को सही बताया है। वहीं गिरिराज के समर्थन में कांग्रेस भी उतर आयी है। 

नहीं थम रहा गिरिराज का हमला

दरअसल जदयू नेताओं के तीखे तेवर के बाद भी केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह राजधानी के जलजमाव के सवाल पर दूसरे के सहारे सरकार पर हमला कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के वक्तव्य को टवीट किया। अपनी ओर से कोई टिप्पणी नहीं की। भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने दो दिन पहले कहा था कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की बाढ़ समस्या के बारे में पटना के डीएम से बातचीत करने की कोशिश की। डीएम ने न फोन उठाया न कॉल बैक किया।

अफसरों पर लगाया बीजेपी नेताओं का फाेन नहीं उठाने का आरोप

उन्‍होंने संसदीय क्षेत्र के कुछ एसडीओ से बाढ़ पीडि़तों के लिए मदद की मांग की। मदद नहीं मिली। रामकृपाल के वक्तव्य को लेकर गिरिराज ने टवीट किया- बीजेपी नेताओं के फोन नहीं उठाते नीतीश सरकार के अधिकारी। पटना की दुर्गति के लिए अफसर कसूरवार।' केंद्रीय मंत्री ने नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा के वक्तव्य को भी अपने टवीट का हिस्सा बनाया है- 'नगर विकास मंत्री बोले- निगम कमिशनर नहीं सुनते थे। नीतीश के पास था तबादले का अधिकार।' 

गिरिराज ने ठहराया था सीएम-डिप्‍टी सीएम को दोषी

इसके पहले शुक्रवार काे भी गिरिराज ने कहा था कि पटना में बारिश से हुई तबाही के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी जिम्मेदार हैं। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी अधिकारियों पर भी हमला बोला था। कहा था कि मुंह देखकर राहत सामग्री का वितरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में भाजपा और जदयू दोनों की सरकार है, इसीलिए जवाबदेही दोनों की है। 

केसी त्‍यागी ने लिया आड़े हाथों

अब शनिवार को जदयू के राष्‍ट्रीय महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजद से भी तीखा प्रहार कर रहे हैं कुछ भाजपाई नेता। ये लोग नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी का काम कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि टिप्पणी में व्यस्त भाजपा के मित्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूएन में जलवायु परिवर्तन पर दिए गए संबोधन को सुन लेना चाहिए। पटना के जलजमाव के मामले में सबको जवाबदेही लेकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका का बजट 70 हजार करोड़ रुपए का है। हर साल बारिश में वहां जलजमाव होता है। चेन्नई, बेंगलुरू और हैदराबाद में भी यह समस्या है। उज्जैन में विगत सात दिनों से जलजमाव की वजह से पूजा बाधित है। वाराणसी में भी समस्या है। 

बोले मंत्री अशोक चौधरी

वहीं, जदयू नेता व भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने गिरिराज सिंह पर तीखे हमले किए। उन्‍होंने कहा कि गिरिराज विवादास्पद बयान देकर चर्चा में रहने के आदी हैं। कभी हिंदू-मुस्लिम तो कभी कुछ और। चुनाव के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर पकड़ रहे थे और आज ट्वीट कर रहे हैं। अगर उनके क्षेत्र में किसी तरह की समस्या है तो वह मुख्यमंत्री से मिलने के बजाए ट्वीट कर आलोचना कर रहे हैं। उनका राजनीतिक आचरण ठीक नहीं है।

'डिरेल हो गए हैं गिरिराज'

जबकि जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि गिरिराज सिंह डिरेल हो गए हैैं। मुख्यमंत्री पर किसी तरह की टिप्पणी करने के पहले उन्हें अपनी हैसियत जान लेनी चाहिए। नीतीश कुमार के पैरों के धूल के बराबर भी नहीं हो सकते हैैं गिरिराज। अगर हमारा मुुंह खुल गया तो ऐसे लोग पानी-पानी हो जाएंगे। ट्वीट करने की जगह पटना में आकर राहत कार्य में हाथ क्यों नहीं बनाया?  

राजद ने किया गिरिराज का समर्थन

उधर इसके उलट राजद गिरिराज के समर्थन में आ गया है। पटना में जलजमाव के मुद्दे पर भाजपा के फायरब्रांड नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान को राजद ने भी हवा दी है। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने समर्थन करते हुए कहा कि गिरिराज सही बोल रहे हैं। अच्छे काम के लिए ताली सरदार को मिलेगी तो गाली के लिए भी वही जिम्मेवार होगा। रघुवंश के बयान के बाद राजद प्रवक्ता मनोज झा ने भी कहा कि गिरिराज सिंह ने जो राज्य सरकार पर सवाल उठाया है, उससे मैं सहमत हूं। पटना में लापरवाही की आपदा है, प्रकृति की नहीं। नीतीश कुमार की सरकार में अधिकारी मनमानी करते हैं। जनप्रतिनिधियों की नहीं चलती है। 

मनोज झा ने कहा कि वह बहुत कम मौके पर गिरिराज सिंह के बयानों से सहमत होते हैं। किंतु जल-जमाव से निपटने सरकार की विफलता पर उन्होंने जो सवाल खड़े किए हैं, उससे असहमत नहीं हुआ जा सकता है। पटना में आपदा है और कमिश्नर विदेश की सैर कर रहे हैं। राजद सांसद ने गिरिराज सिंह को सलाह दी कि वह अपनी बात सीधे तौर पर रखें। उन्हें बताना चाहिए कि पटना को नर्क में तब्दील करने के लिए दोषी कौन है? गिरिराज सिंह संकेतों में बात करके मामले को उलझाने की कोशिश न करें। सच बोल रहे हैं तो हिम्मत के साथ पूरा सच बताएं। 

कांग्रेस भी गिरिराज के समर्थन में

प्रदेश कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष और सांसद डा. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार और खासकर अफसरों की लापरवाही के चलते पटना का बुरा हाल है। वह खुद भी जल जमाव के शिकार हैं। उनका घर तबाह हो गया। लाखों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के इस वक्तव्य के प्रति सहमति जताई कि अच्छे काम  के लिए तारीफ सुनने वाले लोगों को विफलता के लिए आलोचना भी बर्दाश्त करनी चाहिए। डा. सिंह ने कहा कि वे खुद जल जमाव के शिकार हैं। पाटलिपुत्र कालोनी स्थित उनका आवास 15 दिनों से पानी में डूबा हुआ है। लैंड क्रूजर और फार्चूनर जैसी महंगी गाडिय़ां सड़ रही हैं। फर्नीचर, एसी और फ्रिज बर्बाद हो गया है। पटना की इतनी बुरी हालत कभी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य की एनडीए सरकार ने पटना को सिंगापुर बनाने का सपना दिखाया था। पटना क्या बना? इसे वहां के लोग देख सकते हैं।  

 

Posted By: Rajesh Thakur

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