पटना । अरुणाचल प्रदेश की पुलिस ने बुधवार को साइबर अपराधियों के लिए काम करने वाले शातिर संतोष कुमार को कंकड़बाग थाना क्षेत्र के अशोक नगर रोड नंबर 11 से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर चली गई। साइबर अपराधी जालसाजी की रकम संतोष के खाते में भेजते थे। उसके एक बैंक अकाउंट में करीब डेढ़ करोड़ और दूसरे खाते में चार लाख रुपये थे। वह मूल रूप से नालंदा जिले के नगरनौसा के महानंदपुर का निवासी है, जो अशोक नगर में किराये के कमरे में रहता था।

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संतोष को मिलता था

दस फीसद कमीशन

छानबीन में पता चला कि संतोष के नगरनौसा स्थित एसबीआइ के खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपये और पीएनबी के खाते में चार लाख रुपये कई किश्तों में भेजे गए थे। संतोष खाते से रुपये की निकासी कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। इसके बदले में उसे दस फीसद कमीशन मिलता था। पुलिस सूत्रों की मानें तो अरुणाचल प्रदेश की पुलिस मंगलवार की देर रात पटना पहुंची थी। वहां के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए हैं। जांच में पता चला कि जालसाजी की रकम ज्यादातर संतोष नाम के युवक के खाते में ट्रांसफर किया जा रहा था। अरुणाचल प्रदेश की पुलिस संतोष के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के बाद मंगलवार की सुबह नालंदा स्थित उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला।

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मोबाइल नंबर से मिला

कंकड़बाग का लोकेशन

संतोष के घर दबिश देने पर पता चला कि उसके पिता और अन्य सदस्य मजदूरी करते हैं। संतोष के दो अन्य करीबियों से पूछताछ के बाद पुलिस के हाथ एक मोबाइल नंबर लगा। पुलिस उस नंबर का लोकेशन पता करते हुए कंकड़बाग पहुंची। कंकड़बाग थाना पुलिस से संपर्क कर अरुणाचल प्रदेश की पुलिस संतोष की तलाश में जुट गई। देर शाम उसका लोकेशन अशोक नगर में मिला। पुलिस ने उसे रोड नंबर 11 से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने नालंदा के दो अन्य साथियों का नाम भी बताया है।

Edited By: Jagran