पटना [जेएनएन]। बिहार में इस साल आयी भयवाह बाढ़ के कारण करीब 18 जिलों के करोड़ों लोग प्रभावित हुए। सैंकड़ों की मौत हो गई। लोगों के पास न तो खाने को कुछ बचा और न हीं रहने का ठिकाना। लेकिन इस आपदा के वक्त बचाव-राहत के लिए अंतिम विकल्प के रूप में बिहार रेजिमेंट और सेना इंजीनियर टास्क फोर्स ने बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 976 जानें बचाई हैं।

33 हजार से अधिक फूड पैकेट दुर्गम स्थानों पर वितरित किए। सेना के चिकित्सा शिविर में 6353 बीमार लोगों का इलाज किया गया। सुरक्षित प्रसव कराने में भी मदद पहुंचाई गई। यह जानकारी बिहार-झारखंड सब एरिया के जनरल कमांडिंग ऑफिसर मेजर जनरल एसएस मामक ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे करने के बाद दी।

बिहार रेजिमेंट के ब्रिगेडियर मनोज नटराजन के निर्देश में बहादुर जवान और अफसर बाढ़ प्रभावित अररिया, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, मधुबनी, गोपालगंज, सीतामढ़ी और चंपारण जिलों में दो सप्ताह से राहत-बचाव कार्य चला रहे हैं।

सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स ने कई जगहों पर वैकल्पिक रास्तों से आवागमन शुरू कराया है। हवाई सहायता के साथ ही 200 लीटर डीजल, 600 लीटर पेट्रोल, 1200 लीटर किरासन तेल भी उपलब्ध कराया गया। सेना ने अब तक 220 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पुनर्वासित किया है।

सर्पदंश के शिकार कई लोगों का इलाज कराकर उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। बाढ़ पीडि़तों के बीच 225 किलोग्राम दूध पाउडर, 300 किलो नमक, 1200 किलोग्राम चीनी, 132 किलो चाय पत्ती के अलावा 4200 किलो चावल और इतनी मात्रा में आटा वितरित किया है।

यह भी पढ़ें: मानसून सत्र: नीतीश के इस्तीफे को लकर बिहार विधानसभा में विपक्ष का हंगामा

अररिया से आर्मी इंजीनियर की टीम बेगूसराय पहुंच गई है। कटिहार, मधुबनी, मोतिहारी, बेतिया और सीतामढ़ी में कार्य कर रही है। आधी टुकड़ी को मुजफ्फरपुर भेजा गया है। जिला प्रशासन ने सभी जगहों पर खानपान की व्यवस्था शुरू कर दी है। सेना के जवान जिला प्रशासन के साथ मिलकर बाढ़ पीडि़तों की सेवा में डटे हुए हैं। 

यह भी पढ़ें: बिहार में बाढ़: अ‍ररिया पहुंचे सीएम नीतीश, राहत कार्यों का लिया जायजा

Posted By: Ravi Ranjan

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप