पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग शुक्रवार को अगले माह से प्रभावी होने वाले बिजली शुल्क की नयी दर का एलान करेगा। चुनावी साल होने की वजह से यह उम्मीद है कि इस वर्ष भी इसमें किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं होगी। मालूम हो कि पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव होने की वजह से बिजली टैरिफ में किसी भी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई थी।

बिजली कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए विद्युत दर निर्धारण के संबंध में बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग के समक्ष जो याचिका दायर की गयी थी उसमें प्रति कनेक्शन फिक्स चार्ज बढ़ाने की बात कही गयी थी। इस बारे में बिजली कंपनी का यह तर्क है कि नए प्रावधान के तहत उपभोक्ताओं को हर हाल में बिजली उपलब्ध कराना है। लोड शेडिंग तक नहीं होनी है। बिजली के उपभोग को बढ़ाया जाए इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित करना है। इस बात को ध्यान में रख फिक्स चार्ज बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुनवाई के दौरान बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग इससे सहमत नहीं था।

इसी तरह बिजली कंपनी ने यह सुझाव दिया हुआ है कि वैसे उपभोक्ता जो बिजली का उपभोग अधिक करते हैैं उन्हें रियायत दी जाए। ऑनलाइन बिजली बिल के भुगतान पर बिहार में सबसे अधिक कैशबैक है, इसलिए इस वर्ष इस आशय का कोई प्रस्ताव नहीं था। 

बता दें कि यह चुनावी साल है। आगामी नवंबर माह में बिहार विधानसभा चुनाव होने वाला है। ऐसे में सरकार नहीं चाहेगी कि जनता पर किसी तरह का लोड बढ़े। ऐसे में चर्चा है कि इस बार बिजली शुल्‍कों में किसी तरह की बढ़ोत्‍तरी नहीं हो। हालांकि, पिछले साल भी बिहार के बिजली उपभोक्‍ताओं को शुल्‍क बढ़ोत्‍तरी से राहत मिली थी। चूंकि पिछले साल लोकसभा चुनाव था, इस कारण से बिजली शुल्‍कों में बढ़ोत्‍तरी नहीं की गई थी।  

Posted By: Rajesh Thakur

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