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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

PM की क्लास : अनमोल के दो प्रश्नों ने दिखाया करियर की अंधी दौड़ का सच

By Amit AlokEdited By:
Published: Fri, 04 Sep 2015 07:59 AM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2015 02:59 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्लास में दिल्ली पब्लिक स्कूल, दानापुर के छात्र अनमोल के दो प्रश्नों ने करियर की अंधी ...और पढ़ें

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पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्लास में दिल्ली पब्लिक स्कूल, दानापुर के छात्र अनमोल के दो प्रश्नों ने करियर की अंधी दौड़ का सच दिखा दिया। अनमोल ने उस हकीकत से रूबरू कराया, जिसे महज दसवीं के छात्रों पर थोप दिया जाता है। प्रश्न में वह दर्द भी दिखा, जिसमें करियर बनाने के प्रेशर में बच्चा अपना स्कूली जीवन ही भूल जाता है।

अनमोल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के चक्कर में छात्र दसवीं के बाद अपना स्कूली जीवन भूल जाते हैं। इसके लिए कोई अन्य व्यवस्था नहीं हो सकती?इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी बच्चे का चयन अंकों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

उसके व्यक्तित्व को भी अहमियत दी जानी चाहिए। प्रेशर देकर किसी बच्चे से कोई कार्य नहीं कराना चाहिए। उसकी दिलचस्पी किसमें है, इस बात का ख्याल शिक्षकों के साथ ही बच्चे के परिजनों को भी रखना चाहिए।

अनमोल के दूसरे प्रश्न ने भी देश की शिक्षा व्यवस्था पर करारा प्रहार किया। अनमोल ने पूछा क्या तीन घंटे की परीक्षा से ही किसी का भविष्य तय किया जाना ठीक है?

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी बच्चे का भविष्य बस तीन घंटे की परीक्षा से तय नहीं किया जाना चाहिए। अंकों के आधार पर किसी को बेहतर नहीं बताया जा सकता। अंकों के आधार पर उसके भविष्य का भी आंकलन नहीं करना चाहिए। इसके लिए एक ओवरअॉल एग्जाम होना चाहिए, जिसमें उसकी सभी बातों का आंकलन किया जाना चाहिए।

डीपीएस के छात्र अनमोल काबरा ने कहा, मैंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री से बात कर पाऊंगा। यह मेरे लिए एक सुनहरा अवसर था। अनमोल काबरा का चयन देश के उन नौ बच्चों में हुआ, जो शिक्षक दिवस के पूर्व शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बातचीत कर रहे थे।

प्रधानमंत्री से बातचीत करने के लिए अनमोल को सुबह 9 बजे बेली रोड स्थित टेक्नोलॉजी भवन पहुंचा। इंटरेक्शन कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हो चुका है। अनमोल ने बताया कि बातचीत के लिए स्कूल से उनका नाम भेजा गया था।

केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से उसका टेलीफोनिक परिचय राउंड हुआ। उसके बाद उनकी उपलब्धियों के बारे में पूछा गया। चयन की बात डीपीएस के प्राचार्य बी विनोद ने बताई। गत सोमवार को दूरदर्शन की टीम ने उसका वीडियो प्रोफाइल बनाया।

अनमोल ने कक्षा 9वीं और 10वीं में केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एनसीएसटीसी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। इसमें उसने 'मीनेस टू रिर्सोस: कंवर्जन ऑफ वेस्ट टू इनर्जी' शीर्षक से प्रोजेक्ट बनाया था।

राज्य में सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट चुने जाने के बाद उसे आइआइटी गुवाहाटी और आइआइटी खडग़पुर से इंटर्नशिप प्रोग्राम करने और रिसर्च पेपर प्रकाशित करने का अवसर मिला।

उसका प्रोजेक्ट देश के सर्वश्रेष्ठ 20 प्रोजेक्ट में चुना गया। उसने एनआइटी पटना में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इंस्पायर कैम्प में भी भागीदारी की। 2014 में एनसीआरटी द्वारा नेशनल टैलेंट सर्च स्कॉलर घोषित किया गया।