पटना [जेएनएन]। राजधानी की कानून व्‍यवस्‍था का हाल यह हो गया है कि अब पुलिसकर्मी भी सरेआम हत्‍या करने लगे हैं। पटना पुलिस लाइन में मंगलवार की सुबह कांस्‍टेबल दिलीप कुमार द्वारा एक पुलिसकर्मी के बेटे की गोली मारकर हत्‍या से तो ऐसा ही लगता है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राजधानी के पुलिस नवीन केंद्र (लाइन) में मंगलवार की सुबह हवलदार का प्रशिक्षण ले रहे सिपाही दिलीप सिंह ने रिश्तेदार दीपक कुमार (28) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद वह भागने लगा, लेकिन लाइन में मौजूद जवानों ने उसे दबोच लिया।

पकड़े जाने के बाद उसने हवलदार और दो सिपाहियों को सरकारी रायफल की बट से जख्मी कर दिया। सूचना मिलने पर बुद्धा कॉलोनी थानाध्यक्ष मनोज मोहन दलबल के साथ पहुंचे। दिलीप को गिरफ्त में लेने के साथ उसकी सरकारी रायफल जब्त कर ली गई ।

पुलिस ने दीपक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए पीएमसीएच भेजा, जबकि घायलों को इलाज के लिए नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मामले की जांच करने के लिए सिटी एसपी अमरकेश डी और विधि-व्यवस्था डीएसपी डॉ. मो. शिब्ली नोमानी घटनास्थल पर पहुंचे। डीएसपी ने बताया कि एफएसएल की टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए हैं। हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

दिलीप के जीजा का भाई था दीपक
बख्तियारपुर के करौती गांव का रहने वाले दिलीप सिंह की बहन की शादी दीपक के बड़े भाई अंशु से हुई है। अंशु हाल में बिहार पुलिस में सिपाही चालक संवर्ग में बहाल हुआ है। उसके पिता राजेंद्र सिंह उर्फ लूटन सिंह अगमकुआं थाने में चालक हैं। 1999 में दिलीप की बहाली सिपाही संवर्ग में हुई थी। वह पटना पुलिस लाइन में एसएलसी यानी हवलदार की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया था।

दीपक के परिजनों का कहना है कि दिलीप शुरू से सनकी और तुनकमिजाजी था, इसलिए वे उससे दूरी बनाकर रहते थे। सूत्र बताते हैं कि दिलीप बहन के घर पर रहना चाहता था, लेकिन उसके व्यवहार को देखकर घर वालों ने मना कर दिया। वह सिपाही बैरक में रह रहा था।

By Amit Alok