आरा की संकरी गली से निकला ‘पावर स्टार’, ऐसा है पवन सिंह का पुश्तैनी घर, दीवारों पर सजी कामयाबी की निशानियां
भोजपुरी स्टार पवन सिंह का आरा स्थित पैतृक घर उनकी सफलता की कहानी बयां करता है, जहां से उन्होंने अपने ...और पढ़ें

पवन सिंंह और आरा स्थित उनका पैतृक घर। वीडियो ग्रैब
HighLights
पवन सिंह का आरा स्थित पैतृक घर उनकी जड़ों से जुड़ाव।
पहली पत्नी नीलम सिंह को याद कर हुए भावुक।
संकरी गली से निकलकर 'पावर स्टार' बनने का सफर।
डिजिटल डेस्क, आरा। ‘बड़ा जालीदार बा तोहार...’, ‘लॉलीपॉप लागेलु’ जैसे तड़क-भड़क वाले भोजपुरी गानों से लेकर ‘हमनी के छोड़ के नगरिया’ जैसे भावनात्मक गीतों तक पवन सिंह ने अपनी आवाज के कई रंग दिखाए हैं।
गायक से अभिनेता, निर्माता और फिर नेता तक का सफर तय करने वाले भोजपुरी के ‘पावर स्टार’ पवन सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं।
इन दिनों पवन सिंह अपने काम से ज्यादा अपने भावनात्मक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। रियलिटी शो में उनका एक ऐसा पक्ष देखने को मिल रहा है, जो आमतौर पर उनके प्रशंसकों को कम ही नजर आता है।

शो के दौरान पहली पत्नी नीलम सिंह को याद करते हुए पवन सिंह भावुक हो गए। उनकी आंखों में आंसू और बातों में दर्द देखकर प्रशंसक भी भावुक नजर आए।
स्टारडम की चमक के बीच पवन सिंह की कहानी में आरा का खास स्थान है। यहीं से उनके जीवन और संघर्ष की शुरुआती यादें जुड़ी हैं।
आज वह मुंबई और लखनऊ जैसे शहरों में समय बिताते हैं, लेकिन आरा का पुश्तैनी घर अब भी उनके परिवार और जड़ों से उनका रिश्ता कायम रखता है।
संकरी गली से पुश्तैनी घर तक पहुंचता है रास्ता
पवन सिंह के पुश्तैनी घर की झलक करीब चार वर्ष पहले एक यूट्यूब वीडियो में दिखाई गई थी। गंगा नदी पार करने के बाद मुख्य सड़क से एक संकरी गली के रास्ते इस घर तक पहुंचा जाता है।
बाहर से देखने पर सफेद और नारंगी रंग में रंगा मकान आधुनिक अपार्टमेंट से बिल्कुल अलग नजर आता है। घर के प्रवेश द्वार पर काले और सुनहरे रंग का लोहे का गेट है।
इसके भीतर पहुंचते ही बड़ा बरामदा है। मकान का डिजाइन एल-शेप में है। लाल रंग के गोल खंभे और पारंपरिक शैली के निर्माण से घर में पुराने दौर के बड़े पारिवारिक मकानों की झलक मिलती है।
आधुनिक फ्लैट संस्कृति के बीच यह पुश्तैनी घर पवन सिंह के शुरुआती जीवन की सादगी और पारिवारिक माहौल को दर्शाता है।

चाचा अजीत सिंह का रहा अहम योगदान
पवन सिंह के पुश्तैनी घर से जुड़ी पुरानी जानकारी के मुताबिक, एक समय उनके चाचा अजीत सिंह यहां रहते थे। पवन सिंह अपने करियर के शुरुआती दौर में चाचा के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण मानते रहे हैं।
परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, जब भी पवन सिंह आरा या आसपास के इलाके में किसी कार्यक्रम के सिलसिले में आते हैं, तो वह अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिलने के लिए पुश्तैनी घर जरूर जाते हैं।
उनके भाई गुड्डू सिंह ने भी बताया था कि काम की वजह से पवन सिंह का काफी समय मुंबई में गुजरता है। इसके बावजूद बिहार आने पर परिवार के बीच समय बिताना उनके लिए खास रहता है।

दीवारों पर तस्वीरें, प्रमाणपत्र और ट्रॉफियां
पवन सिंह के पुश्तैनी घर की खासियत सिर्फ उसका पुराना वास्तुशिल्प नहीं है। घर की दीवारों पर परिवार और पवन सिंह के जीवन से जुड़ी यादें भी दिखाई देती हैं।
अंदर दीवारों पर पारिवारिक तस्वीरें लगी हैं। पारंपरिक झरोखे और पुराने डिजाइन घर के माहौल को अलग पहचान देते हैं। पवन सिंह के प्रमाणपत्र और तस्वीरें भी दीवारों पर सजी दिखाई देती हैं।
एक स्थान पर उनकी ट्रॉफियां रखी हैं, जबकि प्रशंसकों की ओर से दिए गए हाथ से बनाए गए उपहार भी घर में संभालकर रखे गए हैं। ये चीजें बताती हैं कि पवन सिंह की सफलता के साथ-साथ उनकी पुरानी यादों को भी परिवार ने सहेजकर रखा है।

1990 के दशक में शुरू हुआ सफर
पवन सिंह ने मनोरंजन जगत में अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक में की थी। वर्ष 2007 में ‘रंगली चुनरिया तोहरे नाम’ से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा।
इसके बाद वर्ष 2008 में रिलीज हुआ ‘लॉलीपॉप लागेलु’ उनके करियर का बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इस गीत ने उन्हें भोजपुरी संगीत की दुनिया में अलग पहचान दिलाई और उनकी लोकप्रियता बिहार-यूपी से निकलकर देश-दुनिया तक पहुंची।
इसके बाद पवन सिंह ने गायकी के साथ भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किया और निर्माता के तौर पर भी काम किया। उनकी पहचान धीरे-धीरे भोजपुरी सिनेमा के बड़े सितारों में होने लगी।
राजनीति में भी आजमा चुके हैं किस्मत
मनोरंजन जगत में पहचान बनाने के बाद पवन सिंह ने राजनीति में भी कदम रखा। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
इस चुनाव के दौरान भी पवन सिंह राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे। हालांकि, उनका मुख्य जुड़ाव अब भी भोजपुरी मनोरंजन जगत से ही है।
पहली पत्नी नीलम को याद कर भावुक हुए पवन सिंह
पवन सिंह की निजी जिंदगी भी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है। इन दिनों उनकी पहली पत्नी नीलम सिंह से जुड़ी यादें एक रियलिटी शो के प्रोमो के कारण फिर चर्चा में हैं।
प्रोमो में पवन सिंह नीलम की तस्वीर की आरती करते दिखाई देते हैं। वह तस्वीर पर फूल-माला चढ़ाते हैं और अपनी पहली पत्नी को याद करते हुए भावुक हो जाते हैं।
पवन सिंह कहते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में एक देवी को पाया था, लेकिन उसे खो दिया। वह नीलम को अपने जीवन की देवी बताते हुए कहते हैं कि जब तक उनके शरीर में जान है, उनकी याद उनके जीवन का हिस्सा रहेंगी।
शूटिंग के दौरान देर रात घर लौटने से जुड़ी एक घटना को याद करते हुए पवन सिंह ने बताया कि कमरे का दरवाजा खोलने के बाद उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी दुनिया ही खत्म हो गई।
2014 में हुई थी नीलम से शादी
पवन सिंह और नीलम सिंह की शादी वर्ष 2014 में हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद 8 मार्च 2015 को मुंबई में नीलम की मृत्यु हो गई थी। उस समय उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया था।
घटना के बाद पवन सिंह का नाम भी विवादों में आया। नीलम की मौत के कारणों को लेकर उस समय अलग-अलग दावे और चर्चाएं सामने आई थीं।
नीलम की मौत के बाद पवन सिंह की भाभी ने मीडिया में दावा किया था कि काम की व्यस्तता के कारण पवन सिंह देर रात घर लौटते थे और नीलम मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं। हालांकि, इस तरह के दावों को आरोप या परिजनों के कथन के रूप में ही देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति की मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
स्टारडम के बीच आज भी आरा से जुड़ा रिश्ता
पवन सिंह की जिंदगी में आज मुंबई और लखनऊ जैसे शहरों की चमक है। फिल्मों, गानों और राजनीति ने उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाया है। लेकिन आरा का पुश्तैनी घर उनके जीवन की उस कहानी को अपने भीतर समेटे हुए है, जहां से उनका सफर शुरू हुआ था।
घर की दीवारों पर लगी तस्वीरें, प्रमाणपत्र और ट्रॉफियां उनकी सफलता की कहानी बताते हैं तो पुरानी वास्तुकला और बरामदा उनके पारिवारिक अतीत की याद दिलाते हैं। यही वजह है कि पवन सिंह का यह पुश्तैनी घर सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि भोजपुरी के ‘पावर स्टार’ के संघर्ष, परिवार और सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है।
