पटना। एक एनजीओ ऐसा जो किसी शिकायत पर नोटिस जारी करता है, सम्मन भेजता है, वसूली भी करता है।

इतना ही नहीं पुलिस की मदद से किसी को गिरफ्तार तक करा देता है। सुनने में भले ही अटपटा लगता हो, लेकिन ऐसा हुआ है। मानवाधिकार आयोग की तर्ज पर हिमाकत पर हिमाकत करने वाले इस एनजीओ का नाम है अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (इंटरनेशनल ह्युमन राइट एसोसियेशन)।

दरअसल, इसका खुलासा हाईकोर्ट में दायर महावीर प्रसाद व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान हुआ है। पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता आशुतोष रंजन पांडेय ने पटना हाईकोर्ट को इस संबंध में जानकारी दी।

मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अश्वनी कुमार सिंह ने एनजीओ को उसका पक्ष जानने के लिए नोटिस जारी किया। यह संस्थान गया के बैरागी में स्थित है। कोर्ट ने इस मामले में स्थानीय पुलिस को न्यायोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

सुनवाई में कहा कि पटवार जाति के एक मंदिर के विवाद में याचिकाकर्ता को सम्मन किया गया था। इस एनजीओ ने पांच-पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया। जबकि इस एनजीओ को अदालती कार्य करने का अधिकार नहीं था।

इसी तरह कुछ अन्य लोगों का शोषण करने का आरोप लगाया गया है। इसके पहले अदालत ने राज्य सरकार से हलफनामा मंगवाया था, जिसमें एसपी ने स्वीकार किया कि एनजीओ की इस प्रकार की गतिविधियों की शिकायत मिली है। अब एनजीओ को कोर्ट में जवाब देना है।

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