पटना। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह गुरुवार की रात पटना के स्टेट गेस्ट हाउस की लिफ्ट में फंस गए थे। राज्य के गरमाए राजनीतिक माहौल में इसपर भी राजनीति शुरू हो गई है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने चुटकी ली है कि अमित शाह को बिहार की लिफ्ट ने भी रिजेक्ट कर दिया। उधर, भाजपा ने इसे साजिश करार देते हुए जांच की मांग की है।

गुरुवार की रात पटना के स्टेट गेस्ट हाउस में अमित शाह फंस गए। उनके साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और सौदान सिंह भी थे। सभी करीब 40 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे।

इस घटना पर लालू प्रसाद ने चुटकी ली है कि अमित शाह जैसे मोटे आदमी को पटना की लिफ्ट में नहीं घुसना चाहिए था। बिहार में लिफ्ट छोटी होती है। बिहार की लिफ्ट इतने मोटे लोगों को ढोने लायक नहीं है।

उधर, जदयू के प्रवक्ता अजय आलोक ने भी तंज कसते हुए कहा कि लिफ्ट को पता ही नहीं था कि उसमें अमित शाह चढ़े हैं, वर्ना वो ऐसा नहीं करती।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि अमित शाह को अगर जल्द नहीं निकाला जाता तो उनकी या किसी अन्य की जान भी जा सकती थी। वहां कोई आपात व्यवस्था नहीं थी।

भाजपा विधायक नितिन नवीन के अनुसार, नीतीश सरकार के काल में बिहार में अतिथियों के रहने की ऐसी ही व्यवस्था की जाती है।

भाजपा नेता संजय मयूख ने कहा कि घटना के दौरान गेस्ट हाउस में कोई देखने वाला नहीं था। किसी ने कोई पूछताछ तक नहीं की। उन्होंने और सिक्युरिटी में लगे जवानों ने मिलकर छेनी- हथौड़ी से लिफ्ट तोड़ी। तब जाकर अमित शाह व अन्य लोग बाहर निकले।

भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सीपी ठाकुर ने इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई है।

Posted By: Amit Alok