पूर्णिया से रमण शुक्ला। सीमांचल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) की जनभावना सभा शुक्रवार को पूरी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) और लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार किसी राजनीतिक विचारधारा के पक्षधर नहीं हैं। नीतीश का मात्र एक लक्ष्य है- किसी तरह कुर्सी सुरक्षित रहनी चाहिए। कुर्सी के लिए वह किसी को भी धोखा दे सकते हैं।

वे समाजवाद छोड़कर लालू के साथ जा सकते हैं। जातिवादी राजनीति (Caste Politics) कर सकते हैं। वामपंथियों के साथ बैठ सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ आ सकते हैं। उनकी एक ही नीति है- कुर्सी मेरी सुरक्षित रहनी चाहिए। अब वह कुर्सी के लिए कांग्रेस (Congress) की गोद में बैठकर लालू को भी धोखा देंगे।

बीजेपी को धोखा देकर बिहार का विकास रोका

शाह ने कहा, मुझे अफसोस है कि प्रधानमंत्री (PM) बनने के लिए नीतीश कुमार, लालू प्रसाद तथा कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं। बीजेपी को धोखा देकर नीतीश कुमार ने बिहार का विकास रोका है। पीएम बनने के लिए भाजपा की पीठ में छुरा भी भोंका है।

बिहार की जनता और जनादेश से किया छल

अमित शाह ने कहा, नीतीश कुमार ने सबके साथ यही किया है। जनता दल (Janata Dal) में देवी लाल (Devi Lal) के साथ, फिर लालू के साथ कपट किया। समाजवादी नेता जार्ज फर्नांडिस के साथ धोखा किया। पहले शरद यादव, फिर बीजेपी को धोखा देकर लालू के साथ चले गए। जीतनराम मांझी, रामविलास पासवान को धोखा दिया। लालू को धोखा देकर बीजेपी के साथ आए और अब एक बार फिर बीजेपी को धोखा देकर लालू प्रसाद की गोद में जा बैठे हैं। ये धोखा किसी पार्टी के साथ नहीं, बिहार की जनता तथा जनादेश से छल है।

नीतीश-लालू की जोड़ी का हो चुका पर्दाफाश

गृहमंत्री ने कहा कि हमने बड़प्पन दिखाया। चुनाव पूर्व किया गया वादा निभाकर नीतीश कुमार को आधी सीट आने पर भी मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन जैसे ही चुनाव नजदीक आया, प्रधानमंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) व कांग्रेस की गोद में जा बैठे। 2014 में नीतीश कुमार को दो सीटें आयीं थीं। कहीं के नहीं रहे थे- न घर के न घाट के। नीतीश-लालू की जोड़ी का पर्दाफाश हो चुका है। जनता इन्हें जान गयी है। इस जोड़ी का बिहार की जनता सूपड़ा साफ कर देगी। इस बार न नीतीश की पार्टी आएगी न लालू की, बिहार में सिर्फ कमल खिलेगा। 2025 में बिहार में बीजेपी की सरकार बनायेंगे।

बिहार में फिर मंडरा रहा जंगलराज का खतरा

अमित शाह ने कहा कि बिहार में फिर जंगलराज का खतरा मंडरा रहा है। लालू के साथ मिलकर नीतीश कुमार के शपथ लेते ही बिहार में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। नीतीश इसे षडयंत्र कहते हैं तो षडयंत्रकारी को पकड़ते क्यों नहीं? लोगों से पूछा कि आपको जंगलराज चाहिए क्या? फिर से अपहरण,फिरौती, जातीय हिंसा वाला राज्य चाहिए क्या? जब लालू सरकार में हैं तो इनसे कौन बचा लेगा?

कुटिल राजनीति से नहीं बन सकते प्रधानमंत्री

उन्‍होंने कहा- 2024 में बिहार फैसला सुना दे- यहां नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार का शासन चले। लालू-नीतीश की जोड़ी बिहार को आगे नहीं ले जा सकती। हमने विकास की राजनीति की है। नीतीश कुमार ने अपनी कुर्सी बचाने के अलावा कुछ नहीं किया। सत्ता की कुटिल राजनीति से प्रधानमंत्री नहीं बना जा सकता। विकास के कार्यों से, देश की सुरक्षा से जनता प्रधानमंत्री बनाती है। उन्होंने अपील की कि एक बार भाजपा को पूर्ण बहुमत दे दीजिए, हम बिहार को देश का सबसे विकसित राज्य बना देंगे। 2024 में तय करना है कि देश का प्रधानमंत्री मोदी जी बनेंगे या राहुल बाबा।

पीएम के सवा लाख करोड़ का दिया हिसाब

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा 2015 में घोषित सवा लाख करोड़ के विशेष पैकेज का पूर्णिया की सभा में हिसाब भी दिया। कहा कि वादा से 10 हजार करोड़ रुपये अधिक केंद्र सरकार बिहार को दे चुकी है। फिर भी बिहार सरकार कहती है कि भेदभाव किया जा रहा है, केंद्र सरकार पैसे नहीं दे रही है। उन्होंने प्रमुख परियोजनाओं में बिंदुवार खर्च की गयी राशि का ब्यौरा भी रखा। पूर्णिया को बिहार का चौथा बड़ा एयरपोर्ट बनाने की घोषणा भी की। कहा कि अब सीमांचल के लोगों को सीधे सीमांचल से उड़ान की सुविधा मिलेगी। दरभंगा या बागडोगरा जाने की जरूरत नहीं रहेगी।

सीमांचल के लोगों के लिए हैं नरेंद्र मोदी

अमित शाह ने सीमांचल के लोगों को भरोसा दिया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। देश में नरेंद्र मोदी की सरकार है। सीमावर्ती जिले भी हिन्दुस्तान के हिस्से हैं। खासकर सीमांचल में जनजातियों पर हो रहे अत्याचार का विस्तार से जिक्र करते हुए उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि जनजातीय महिला द्रोपदी मुर्मू (Dropadi Murmu) को राष्ट्रपति बनाकर इस समाज को सम्मान दिया है। जनजातीय दर्द को भी उभारा, बोले सीमांचल में जनजातीय लोगों के साथ अत्याचार किया जा रहा है।

Edited By: Amit Alok