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Amazon पर भारी पड़ा मोबाइल रिटर्न से इनकार, ग्राहक को 47990 रुपये लौटाने का आदेश; मानसिक पीड़ा का भी मुआवजा

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:31 PM (IST)

निर्धारित अवधि में मोबाइल फोन वापस लेने से इनकार करने पर अमेजन को महंगा पड़ा, जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी ...और पढ़ें

मोबाइल की कीमत से ज्यादा मिलेगा मुआवजा

मोबाइल की कीमत से ज्यादा मिलेगा मुआवजा

HighLights

  1. अमेजन को मोबाइल वापसी से इनकार करना पड़ा महंगा।

  2. उपभोक्ता को 47,990 रुपये का मुआवजा देने का आदेश।

  3. अमेजन की रिटर्न पॉलिसी की समीक्षा का निर्देश।

जागरण संवाददाता, पटना। निर्धारित अवधि के भीतर मोबाइल फोन वापस लेने से इन्कार करना अमेजन को महंगा पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को कुल 47 हजार 990 रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है। मामला ओप्पो एफ-17 मोबाइल फोन की खरीद से जुड़ा है।

मोबाइल की कीमत से ज्यादा मिलेगा मुआवजा

आयोग के आदेश के अनुसार 17 हजार 990 रुपये मोबाइल की कीमत के रूप में लौटाने होंगे। इसके अलावा 20 हजार रुपये मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देना होगा। यानी उपभोक्ता को कुल 47 हजार 990 रुपये मिलेंगे।

रिटर्न अवधि में ग्राहक ने की थी वापसी की मांग

उपभोक्ता ने निर्धारित रिटर्न अवधि के दौरान मोबाइल वापस करने का अनुरोध किया था। आरोप है कि अमेजन की ओर से उसका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया। सुनवाई के बाद आयोग ने इस मामले को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।

अमेजन की Easy Return Policy की भी होगी समीक्षा

जिला उपभोक्ता आयोग ने केवल राशि लौटाने तक मामला सीमित नहीं रखा। आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र और सदस्य रजनीश कुमार ने अमेजन को अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटर्न और Easy Return Policy की समीक्षा करने का निर्देश भी दिया है।

रिटर्न प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर

आयोग ने कहा कि रिटर्न की प्रक्रिया उपभोक्ताओं के लिए सरल और परेशानी-मुक्त होनी चाहिए। ऑनलाइन खरीदारी में जब किसी उत्पाद के लिए निर्धारित रिटर्न सुविधा दी जाती है, तो उपभोक्ता को उसका लाभ मिलना चाहिए। इस फैसले का असर ई-कॉमर्स कंपनियों की रिटर्न व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

ऑनलाइन खरीदारी करने वालों के लिए अहम फैसला

यह आदेश ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी उत्पाद के लिए रिटर्न की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद कंपनी उसे स्वीकार नहीं करती है, तो उपभोक्ता शिकायत लेकर जिला उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकता है। ऐसे मामलों में ग्राहक बिल, ऑर्डर डिटेल और रिटर्न रिक्वेस्ट जैसे दस्तावेज सुरक्षित रख सकता है।