शेखपुरा, जागरण संवाददाता। बिहार का शेखपुरा जिला पत्थर खनन के लिए चर्चित रहा है। पत्थर खनन करने वाले कई कारोबारी शून्य से शिखर तक पहुंच गए। पत्थर खनन के कारोबार में ओवरलोडिंग और फर्जी चालान अमीर बनने का आसान रास्ता रहा है। कई दशक से यह कारोबार चलता रहा है। ऐसे में पुलिस और खनन विभाग के मैनेज से खेल होने की बात जगजाहिर है। सरकार अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए खनन, परिवहन और पुलिस को सख्ती के लिए निर्देश देते रहती है, लेकिन इससे अवैध धंधे पर कोई असर नहीं पड़ा। ओवरलोडिंग वाहन पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि भी बढ़ा दी गई, परंतु मैनेज के खेल का इस पर कोई असर नहीं पड़ा। ओवरलोडिंग ट्रकों के परिचालन की बात लगातार दैनिक जागरण अखबार में भी उठाई है । वही एक ओवरलोडेड ट्रक ने भी पुलिस और खनन विभाग की पोल खोलकर रख दी।

कैसे एक ट्रक ने खोल दी पोल

दरअसल शेखपुरा पहाड़ से एक ओवरलोडेड ट्रक (हाईवा) बरबीघा रोड में गुजर रहा था। इसी बीच ओवरलोडिंग की वजह से बरबीघा के श्री कृष्ण चौक पर हाईवा पीछे की ओर पलट गया। उसका अगला भाग पूरी तरह से रोड पर खड़ा हो गया। यह नजारा देख वहां उपस्थित सभी लोग अचंभित रह गए। बड़ी संख्या में लोग वहां जुटे। यह घटना शनिवार की देर शाम की है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हाइवा के पीछे यदि कोई वाहन होता तो बड़ी घटना भी घट सकती थी। बताया कि वाहन पीछे की ओर पूरी तरह से पलट गया और अगला हिस्सा पूरी तरह से रोड पर खड़ा हो गया।

हाइवा में राबीश (पत्थर चूर्ण) लोड था जो रोड गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही यह बात लोग जाने तो वहां देखने के लिए भी भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जाता है कि ओवरलोडिंग का भार ट्रक नहीं संभाल सकी जिस वजह से यह स्थिति हो गई। यह भी बताना जरूरी है कि ओवरलोडिंग ट्रक का संचालन शेखपुरा थाना और बरबीघा थाना के ठीक सामने से होता है।

Edited By: Shubh Narayan Pathak