पटना । देश के 103 शहरों में पटना की वायु गुणवत्ता शनिवार को सबसे खतरनाक स्तर पर रिकॉर्ड की गई। दूसरे स्थान पर मुरादाबाद की हवा में प्रदूषण दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर की वायु गुणवत्ता भी खतरनाक स्तर के करीब रही।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शनिवार को जारी 103 शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (पार्टिकुलेट मैटर, पीएम 2.5) में पटना में स्थिति सबसे खतरनाक रही। पटना में पीएम2.5 का स्तर 309 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। मुरादाबाद दूसरे स्थान पर रहा। यहां यह स्तर 303 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। मुजफ्फरपुर में पीएम2.5 का स्तर 279 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया।

बीते साल 23 अक्टूबर से पटना की हवा में प्रदूषण की मात्रा बढ़नी शुरू हुई थी। 25 अक्टूबर को पीएम2.5 का स्तर 315 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया था। नवंबर में दीपावली के दिन पटना की हवा देश में सबसे अधिक प्रदूषित रही थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सूत्रों के अनुसार अक्टूबर में बीते साल की तुलना में हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण वायुमंडल में धूलकण जमा हो रहे हैं। दीपावली में इस बार वायु प्रदूषण कम करने के लिए स्कूलों में बच्चों के बीच हरित दिवाली के प्रति जागरुकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है।

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Posted By: Jagran

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