Patna AIIMS में अब मरीजों का इंतजार होगा कम, नियुक्त होंगे 7 न्यूरोसर्जन समेत 27 नए डॉक्टर
एम्स पटना में मरीजों की लंबी वेटिंग कम करने के लिए 27 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो ...और पढ़ें

एम्स में अब मरीजों का इंतजार होगा कम, नियुक्त होंगे सात न्यूरोसर्जन समेत 27 नए डॉक्टर
HighLights
एम्स पटना में 27 नए डॉक्टरों की नियुक्ति होगी।
सात न्यूरोसर्जन सहित विभिन्न विभागों में डॉक्टर मिलेंगे।
मरीजों की लंबी वेटिंग लिस्ट कम होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, पटना। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), पटना में इलाज के लिए मरीजों की लंबी वेटिंग कम करने की कवायद तेज हो गई है। अलग-अलग महत्वपूर्ण विभागों में 27 नए डॉक्टरों की नियुक्ति का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इनमें सबसे अधिक न्यूरोसर्जरी के सात डॉक्टर शामिल हैं।
इनके अलावा ऑर्थोपेडिक्स, ट्रामा एंड इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिसिन इमरजेंसी, रेडियोथेरेपी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी समेत अन्य विभागों में भी चिकित्सकों की नियुक्ति होगी। नियुक्ति प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की गई है।
करीब एक दर्जन अभ्यर्थियों को प्रोविजनली एलिजिबल माना गया है। इनकी ओर से जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों को निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण अपात्र घोषित किया गया है।
सर्जरी वाले मरीजों को सबसे अधिक इंतजार
एम्स पटना में सर्जरी से जुड़े मरीजों को सबसे अधिक वेटिंग का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में मरीजों को दो से चार महीने तक की तारीख मिल रही है। लंबे इंतजार के कारण गंभीर बीमारी से जूझ रहे कई मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर होते हैं।
न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स जैसे विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ने से आपरेशन की क्षमता बढ़ने और वेटिंग कम होने की उम्मीद है।
एम्स प्रशासन की ओर से एनेस्थेसिया, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, पैथोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, रेडियोलॉजी, ट्रामा एंड इमरजेंसी मेडिसिन, रेडियोथेरेपी सहित कई विभागों में फैकल्टी पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसमें सहायक प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पद भी शामिल थे।
देशभर से बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने इन पदों के लिए आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के अनुभव, एनओसी, मेडिकल पंजीकरण प्रमाणपत्र, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों में कमी मिली है।
ऐसे अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के समय संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेज सही पाए जाने और निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद ही उनकी नियुक्ति पर अंतिम निर्णय होगा।
